Madhya Pradesh News: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम आफ मेडिसिन (एनसीआइएसएम) ने देश के सभी निजी और सरकारी आयुर्वेद कालेजों के लिए सीसीटीवी और फैकल्टी की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इसके अलावा यह भी जरूरी कर दिया गया है कि फैकल्टी को अपने मोबाइल में गूगल लोकेशन चालू करके रखना होगा।

इससे यह निगरानी हो सकेगी कि फैकल्टी बायोमेट्रिक में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कालेज में रुकते हैं या नहीं । एनसीआइएसएम की इस व्यवस्था से सरकारी कालेजों के अधिकारी खुश हैं, लेकिन निजी कालेज संचालक यह नियम बनने के बाद परेशान हो गए हैं। वजह, इसका सख्ती से पालन किया गया तो कुछ निजी कालेजों की मान्यता जा सकती है।

निजी आयुर्वेद कालेजोें में गड़बड़ी की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। यह व्यवस्था 2023-24 के सत्र में मान्यता के लिए जरूरी होगी। कमीशन की तरफ से इसकी निगरानी की जाएगी। फैकल्टी जैसे ही अपने कालेज में लगे बायोमेट्रिक में उपस्थिति दर्ज करेंगे तो इसका डाटा एनसीआइएसएम के सर्वर पर अपने आप पहुंच जाएगा। इसके पहले कुछ कालेजों ने यह व्यवस्थाएं अपने स्तर पर की थीं, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं किया गया था। इसी साल नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने भी निजी और सरकारी मेडिकल कालेजों के लिए बायोमेट्रिक और सीसीटीवी अनिवार्य किया था।

प्रदेश में आयुर्वेद कालेज- 32

देश में आयुर्वेद कालेज- 453

इनका कहना है

एनसीआइएसएम ने यह अच्छा प्रविधान किया है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। गूगल लोकेशन अनिवार्य किए जानेे से फैकल्टी को हर हाल में कालेज आना होगा। यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में है। कुछ सरकारी कालेजों में पहले से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, लेकिन इससे सिर्फ कालेज के अधिकारी ही निगरानी कर पा रहे हैं।

राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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