भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। इस बार यूपीएससी के नतीजों में प्रदेश के 38 युवाओं ने चयनित होते हुए कीर्तिमान स्‍थापित किया। ऐसे ही होनहार युवाओं को सम्‍मानित करने के लिए राजधानी के मिंटो हॉल में 'सफलता के मंत्र' एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले मंच पर कन्या पूजन किया तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री ने यूपीएससी में चयनित प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्‍मानित किया।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री ने यूपीएससी में चयनित सभी अभ्‍यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज अष्टमी का दिन है। नवरात्रि साधना का पर्व है। यह ऊर्जा प्राप्त करने का पर्व है। यह साधना का पर्व है और सिद्धि साधना से ही प्राप्त होती है। अष्टमी के दिन हमने इसलिए चुना कि पूरे मध्य प्रदेश के बेटा-बेटियों को आपके माध्यम से प्रेरित कर सकें। मध्यप्रदेश देश का दिल है, लेकिन तुमने मध्यप्रदेश का दिल जीत लिया है। मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। मध्यप्रदेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। गर्व से मैं कह सकता हूँ कि मध्यप्रदेश में प्रतिभा सम्पदा भी है। ये इन बच्चों से सिद्ध कर दिया है।

उन्‍होंने आगे कहा कि जब मैंने प्रतिभाशाली बच्चों को अभाव में देखा तो मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना बनाई, जिसमें तय किया कि आईआईटी, मेडिकल में भी एडमिशन होगा तो फीस मम्मी-पापा नहीं भरवाएंगे, मामा भरवाएगा। दिल में जब तड़प होती है तो ऐसी योजनाएं निकलती हैं। मैं सब बच्चों से कहना चाहता हूं कि आत्मविश्वास से भर जाओ और लक्ष्य तय कर लो। माता-पिता से निवेदन है कि बच्चों को अपना रास्ता चुनने दो।

उन्‍होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति चाहिए, जो साधना, तपस्या और संयम सिखाएगी। एक वचन आज मैं आपको देता हूं कि जैसा सहयोग चाहिए, वैसा सहयोग प्रदान करेंगे। पहले भी हमने कई योजनाएं बनाई हैं। चिंता मत करना नई योजना बनानी होगी तो हम वह भी बना देंगे। आपने तय कर लिया और उसे पूरा करने के लिए बेचैन हो गए तो भगवान ऐसी शक्ति प्रदान कर देंगे कि आप वह निश्चित ही कर जाओगे।

इस कार्यक्रम के दौरान यूपीएससी में चयनित युवाओं ने किए गए परिश्रम और प्राप्त सफलता की कहानी भी सुनाई। यूपीएससी की सेकंड टॉपर और महिला वर्ग में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त करने वाली भोपाल की जागृति अवस्‍थी ने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए मंच से कहा कि यिद सही दिशा में निरंतर प्रयास करें तो आप जरूर सफल होंगे। यदि आपको आर्थिक परेशानी है तो शासन की छात्रवृत्ति का लाभ उठाइए। उन्‍होंने स्‍वामी विवेकानंद की उक्‍ति का भी उल्‍लेख किया कि ''उठो जागो, तब तक मत रुको जब लक्ष्य को ना पा लो''।

वहीं यूपीएससी में 18वीं रैंक हासिल करने वाली राधिका गुप्‍ता ने युवा प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मैं जिस जिले से हूं वह साक्षरता दर में सबसे नीचे आता है, लेकिन इसने मेरे पर्सनेल्टी को बनाने में मदद की है। मैंने जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा। धैर्य एवं संयम इस परीक्षा ने मुझे सिखाया है। महिदपुर, उज्‍जैन के -ऋषभ रुणवाल ने कहा कि मेडिटेशन मेरे बहुत काम आया है। आप भी जब तैयारी करें तो अपनी रुचि को मत छोड़िएगा। हमेशा अपने साथ एक प्रेरणा रखिए, माता-पिता,बहन मेरी प्रेरणा हैं। ना कर्म से भागना उचित है और ना कर्म के फल की आशा करना उचित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।

Posted By: Ravindra Soni

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