भोपाल। सीएम शिवराज इन दिनों एक्‍शन मोड में है। बीते तीन दिन से वह रोज सुबह साढ़े छह बजे दो-दो जिलों के कलेक्‍टरों व प्रशासनिक अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर शासन की योजनाओं की प्रगति के बारे में फीडबैक ले रहे हैं। इसी सिलसिले में आज उन्‍होंने सीएम आवास से डिंडोरी और खंडवा के कलेक्‍टर व अन्‍य प्रशासनिक अधिकारियों से वीसी के माध्‍यम से संवाद किया। क्षेत्रीय विधायक और प्रभारी मंत्री उषा ठाकुर, मोहन यादव बैठक से जुड़े है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के समस्त विभाग प्रमुख को बैठक में तलब किया गया।

बैठक में सीएम शिवराज ने स्‍पष्‍ट कहा कि करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस रखें। मेरी तरफ से फ़्री हैंड है, अपराधियों को न छोड़ें।

मुख्यमंत्री ने खंडवा प्रशासन से नवाचार, कुपोषण से मुक्ति के प्रयासों, एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी, पेयजल, पीएम आवास, खंडवा शहर में पेयजल स्थिति, राशन वितरण, बिजली बिल माफी शिविर, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, रोजगार मेला, अमृत सरोवर, मनरेगा के काम, अपराध नियंत्रण, अवैध उत्खनन, माफियाओं के खिलाफ अभियान, अतिक्रमण से मुक्ति अभियान, लाड़ली लक्ष्मी योजना, कैरियर काउंसलिंग, छात्रवृत्ति की स्थिति, केंद्र और राज्य की फ्लैगशिप स्कीम सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय से विगत दो दिनों में खंडवा जिले के 942 लोगो/ हितग्राहियों को फोन किए गए जिसमें से 911 लोग शासन की योजनाओं प्रयासों से संतुष्ट मिले। शेष लोगो ने पेयजल समस्या, राशन वितरण की कुछ समस्याओं से अवगत कराया है जिसकी जानकारी कलेक्टर से साझा की जा रही है, इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण करे।

बैठक में खंडवा ज़िला प्रशासन को मुख्यमंत्री ने अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर से नवाचार की जानकारी ली, कलेक्टर ने बताया कि एक नवाचार के अंतर्गत कुपोषण कम करने के लिए सहजना की पत्तियों के पाउडर को आंगनवाड़ी में बटवाना शुरू किए है , अभी 65 आंगनवाड़ी से प्रयास शुरू हुआ है जल्द ही इसे पूरे जिले में शुरू करेंगे , इस प्रयास के परिणाम सकारात्मक आ रहे है। एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी के अंतर्गत 1682 आंगनवाड़ी में से 1540 आंगनवाड़ी एडॉप्ट की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने खंडवा कलेक्टर को कुपोषण कम करने के प्रयासों को टास्क के रूप में लेने, सतत मॉनिटरिंग , सीएमओ से आवश्यक मदद लेने और पूरा फ्री हैंड देने के निर्देश दिए। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि हर विधानसभा में आवास प्लस के जितने मकान स्वीकृत हुए हैं, उन्हें स्वीकृति पत्र दें और घर-घर मेरी चिट्ठी पहुंचायें।

अलग-अलग निर्माण सामग्री खरीदने में ज्यादा पैसे लगते हैं। हम यदि एक साथ सभी को निर्माण सामग्री दे दें, तो उसमें बचत होगी। अगर कोई इसमें पैसे मांगता है, तो हमें उन्हें निर्मूल करना है। कोई पैसे न खा पाये।

मुख्‍यमंत्री ने खंडवा में पेयजल आपूर्ति की स्थिति के बारे में भी पूछा। राशन वितरण की कुछ समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट की। उन्‍होंने कहा कि राशन वितरण में गड़बड़ी में कई जिलों ने अच्छी कार्रवाई की है। जो वास्तव में पात्र हैं, उनकी सूची बनाएँ और एनाउंस करवाएं कि जो अपात्र हैं वो अपने नाम खुद वापस ले लें।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मेरे पास 270 शिकायत बिजली बिल में गड़बड़ी की हैं। जिनको दिखवा लें। रोजगार मेले की क्या स्थिति है? महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप का काम कैसा है। गौरव दिवस आयोजित हो रहे हैं कि नहीं? सीएम राइज़ स्कूल की क्या स्थिति है? अमृत सरोवर में कितना काम हुआ? मनरेगा में क्या काम हो रहा है? मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना की क्या स्थिति है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि धारणाधिकार योजना में आप एक सूची बनाएं। फील्ड अफसर बताएँ, जो अव्यवहारिक चीज है, तो व्यवहारिक बनाएंगे।

मुख्‍यमंत्री ने दोटूक कहा कि मेरा सीधा फार्मूला है, दबंगों से जमीन छीनो और गरीब को दे दो। गोकशी की घटनाओं पर तीखी नजर रखें। इसमें किसी को न छोड़ें। थानों में नियंत्रण है क्या, लोग पैसे तो नहीं मांग रहे? जरा गहराई में जाओ एसपी साहब। अगर कोई पैसे मांग रहा है तो इसे ठीक करो। लाडली लक्ष्मियों से संपर्क है? छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर नजर रखें।

डिंडोरी जिले की समीक्षा

मुख्यमंत्री शिवराज ने डिंडोरी जिले की समीक्षा में संस्थागत प्रसव की कम संख्या को लेकर चिंता जताई। बताया गया कि छत्तीसगढ़ से लगे दो विकासखंड में नेटवर्क की समस्या के कारण तत्काल सूचना प्राप्ति में विलंब होता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नेटवर्क की व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विकासखंडों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर डिंडोरी ने बताया कि जिला मुख्यालय पर जन-भागीदारी से जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। कलेक्टर ने जिले में माइक्रो डेरी की व्यवस्था में किये गए नवाचार की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डेयरी व्यवसाय से जनजातीय युवाओं को आजीविका से जोड़ने में मदद मिलेगी। ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज ने जिले में स्व-रोजगार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक से समन्वय कर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि "एक जिला-एक उत्पाद" में कोदो-कुटकी की बेहतर मार्केटिंग की जाए। जिले में पूर्णतः ऑर्गेनिक तरीके से उत्पादित हो रही कोदो-कुटकी की स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत मांग है। इस मांग को देखते हुए इसके ब्रांड का विस्तार पूरे देश में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तेंदूपत्ता की तुड़ाई मजदूरी, वनोपज के उचित मूल्य और जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित रोजगार मूलक योजनाओं की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

Posted By: Ravindra Soni

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