Madhya Pradesh News: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। विदिशा जिले की लटेरी तहसील में लकड़ी चोरों पर कार्रवाई के दौरान गोली लगने से एक आदिवासी की मौत के मामले में वनकर्मी निर्मल अहिरवार की गिरफ्तारी से वन कर्मचारी नाराज हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने रविवार को राजधानी में चिनार पार्क के सामने प्रदर्शन किया और सरकार पर वन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। मंच के अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच पूरी होने तक वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। वरना, 16 अगस्त से कर्मचारी प्रदेशभर में शस्त्र वापसी आंदोलन शुरू करेंगे।

लटेरी में वन विभाग ने हाल ही में लकड़ी चोरों पर कार्रवाई की है। जिसमें गोली चली और एक आदिवासी की मौत हो गई। मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जबकि पुलिस ने कार्रवाई में शामिल वनकर्मियों के खिलाफ जान से मारने और जान से मारने की कोशिश का अपराध कायम किया है। इसमें निर्मल अहिरवार की गिरफ्तारी की गई है और अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने इसे एकपक्षीय कार्रवाई बताया है।

पाण्डेय ने कहा कि सरकार ने हमें बंदूकें जंगल और खुद की सुरक्षा के लिए दी हैं। इस कार्रवाई में सरकार ने कर्मचारियों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। वन कर्मचारी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जिनके प्रति सहानुभूति दिखा रही है, वह आदतन वन अपराधी हैं। उनके खिलाफ 10 अपराध दर्ज हैं, जो न्यायालय में चल रहे हैं। गोली से जिस आदिवासी की मौत हुई है। सरकार उसके स्वजन को 25 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की घोषणा कर रही है। घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जो निंदा का विषय है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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