भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। Madhya Pradesh News यश एयरवेज और सेंटार एविएशन एकेडमी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस में दर्ज एफआईआर में जिन 16 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें एक आरोपी पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) एमआर शिवरमन भी हैं। वहीं, लोकायुक्त पुलिस द्वारा इस मामले में अभी विभागों को जानकारी भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और इसके बाद प्रकरण में जांच शुरू होगी।

सूत्रों के मुताबिक उज्जैन की हवाई पट्टी की लीज लेकर पायलट की ट्रेनिंग करने वाले यश एयरवेज जो बाद में सेंटार एविएशन एकेडमी हो गई थी, के संचालक मंडल में एमआर शिवरमन जैसे असरदार लोग शामिल रहे हैं। शिवरमन पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन रह चुके हैं।

पायलट ट्रेनिंग एकेडमी संचालन के लिए अनुभव का लाभ लेने उन्हें सेंटार एविएशन एकेडमी में संचालक बतौर शामिल किया था। लोकायुक्त पुलिस ने एकेडमी के खिलाफ कई सालों से लीज रेंट की राशि जमा नहीं करने, हवाई पट्टी मरम्मत नहीं करने, पीडब्ल्यूडी द्वारा मरम्मत किए जाने पर उसका भुगतान नहीं करने का मामला दर्ज किया है। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शिवरमन को भी आरोपी बनाया है।

यश टोंग्या का लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ

सेंटार एविएशन एकेडमी में ट्रेनिंग लेने वाले ट्रेनी पायलटों में से दो की 2012 में मौत हो गई थी। उक्त मामले में उज्जैन के नरवर थाने में मर्ग कायम कर जांच की गई थी। इस मामले में यश टोंग्या के खिलाफ विभागीय जांच हुई थी, जिसमें उन्हें क्लीनचिट मिल गई थी। उनका लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ था। इससे एकेडमी का पायलट ट्रेनिंग का काम निरंतर चलता रहा और 2014 तक एकेडमी ने पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित भी किए।

Posted By: Hemant Upadhyay