भोपाल। नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। Madhya Pradesh News भाजपा के रतलाम-झाबुआ सांसद गुमानसिंह यानि जीएस डामोर के खिलाफ सिंहस्थ के लिए पानी की टंकी खरीदी घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। इसमें एक ही कंपनी को दो बार में अलग-अलग दर पर टेंडर दिए गए थे और बाजार मूल्य से करीब दोगुना कीमत पर पानी की टंकियां खरीदी गईं थीं। सिंहस्थ के लिए तब करीब 12 करोड़ रुपए की पानी की टंकियां खरीदी गई थीं। ईओडब्ल्यू की उज्जैन इकाई ने इसमें प्राथमिक जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक सिंहस्थ 2016 के लिए पानी की टंकियों की खरीदी की गई थी, जिसके लिए राज्य सरकार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को एजेंसी बनाया था। विभाग में उस समय प्रमुख अभियंता जीएस डामोर ही थे।

सिंहस्थ में उपयोग के लिए करीब 1200 पानी की टंकियों की खरीदी की जाना थी, लेकिन इनके लिए टुकड़ों में टेंडर जारी किए गए। इनमें से 900 टंकियां 5000 लीटर क्षमता वाली थीं और 300 पानी की टंकियां 2000 लीटर क्षमता की बताई जाती हैं। यही नहीं इसके लिए दो संस्थाओं को तीन टेंडर दिए गए, जिनमें इंदौर की पारस कंस्ट्रक्शन और पार्थ डेवलपर्स शामिल हैं।

बताया जाता है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पानी की टंकियों की खरीदी के लिए न केवल टुकड़ों में टेंडर किए, बल्कि दो टेंडर पारस कंस्ट्रक्शन को ही दे दिए गए। पारस कंस्ट्रक्शन के दोनों ही टेंडर को विभाग ने अलग-अलग दरों पर पानी की टंकियां सप्लाई करने का आदेश दिया। पानी की टंकियों की खरीदी घोटाले में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि जिन पानी की टंकियों की खरीदी सिंहस्थ के लिए विभाग ने की, उनकी दर बाजार मूल्य से करीब दोगुना लगाई गई।

Posted By: Hemant Upadhyay