Madhya Pradesh News : भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। लॉकडाउन के कारण गांव वापस लौटे श्रमिकों के साथ अन्य ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की कई बंदिशों को हटा लिया है। अब पंचायत में अधूरे कामों की वजह से नई सड़क बनाने के काम भी हाथ में लिए जा सकेंगे। सुदूर संपर्क और खेत सड़क बनाने के लिए विकास आयुक्त की पहले अनुमति लेने की बाध्यता को हटा दिया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिल सकेगा। प्रदेश में सुदूर ग्राम संपर्क और खेत सड़क उपयोजना में ग्रेवल सड़क के बड़ी संख्या में अपूर्ण कामों को देखते हुए सरकार ने नए काम स्वीकृत करने पर रोक लगा दी थी।

कोरोना संकट के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने तय किया है कि कलेक्टर सुदूर ग्राम संपर्क और खेत सड़क के प्रस्ताव मंजूर करके काम शुरू करा सकते हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कलेक्टरों से कहा है कि सुदूर ग्राम संपर्क सड़क, उन्हीं ग्राम पंचायतों में स्वीकृत की जाएं, जहां पहले से एक से ज्यादा सड़क के काम अधूरे या प्रगतिरत न हों। एक ही पंचायत क्षेत्र में दो भागों में सड़क स्वीकृत नहीं होगी।

खेत सड़क वहीं बनाई जाएंगी, जहां सड़क के दोनों ओर कम से कम दस किसान प्रति किलोमीटर में लाभांवित होते हों। ग्रेवल सड़क निर्माण में रोड रोलर की पंचायत स्तर पर उपलब्‍धता होने पर ही तकनीकी स्वीकृति दी जाएगी। मानव श्रम के बदले मशीन का उपयोग नहीं किया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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