Madhya Pradesh News: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। अविकसित भूमि पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर नगर निगम क्षेत्रों में एक हजार वर्ग मीटर, नगर निगम एवं परिषद क्षेत्रों में पांच सौ वर्ग मीटर और नगर पंचायत क्षेत्रों में 300 वर्ग मीटर तक भूमि को प्लाट बनाकर सौ फीसद आरक्षित मूल्य पर दिया जा सकेगा। जबकि प्लाट का क्षेत्रफल तय क्षेत्रफल से अधिक होने पर बढ़े हुए क्षेत्रफल के लिए विकसित प्लाट की तय दर की 60 फीसद राशि देना होगी। कैबिनेट ने मंगलवार को लोक परिसंपत्तियों (नगरों में अन्य कार्य के लिए आरक्षित सरकारी भूमि) के व्यावसायिक और आवासीय उपयोग के लिए भूमि का आरक्षण मूल्य निर्धारित करने की नीति को मंजूरी दे दी है। इन संपत्तियों की दर मौजूदा वित्तीय वर्ष की कलेक्टर गाइड लाइन से तय की जाएगी।

नगरीय क्षेत्रों में सरकार की काफी जमीन पड़ी है, जो पूर्व में अन्य कार्यों के लिए दी गई थी और वर्तमान में उनकी व्यवसायिक और आवासीय उपयोग के लिए मांग है। इसे देखते हुए सरकार ने ऐसी संपत्तियों की विक्रय दर तय करने की नीति बना दी है। इसमें सामान्य नीति यही रहेगी कि ऐसी भूमि व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए खरीददार को कलेक्टर द्वारा तय मौजूदा वित्तीय वर्ष की गाइड लाइन अनुसार व्यावसायिक या आवासीय विकसित प्लाट की प्रति वर्ग मीटर की दर के आधार पर दी जाएगी। यही गणना मिश्रित भू-उपयोग की भूमि और सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भू-उपयोग की परिसंपत्तियों के लिए की जाएगी। वहीं ऐसीपरिसंपत्तियां, जो नगर तथा ग्राम निवेश ले-आउट के अंदर प्लाट के रूप में स्वीकृत हैं, उनमें क्षेत्रफल बंधनकारी नहीं होगा। ऐसे प्लाट के आरक्षित मूल्य की गणना भू-उपयोग अनुसार व्यावसायिक या आवासीय विकसित प्लाट के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर अनुसार मूल्यांकन का सौ फीसद रहेगी।

औद्योगिक परिसंपत्तियों में लगे प्लांट एवं मशीनरी को भंगार (कबाड़) के रूप में नष्ट करने के लिए सरकारी, अर्द्धसरकारी और सहकारी संस्था की ओर से नियुक्त मूल्यांकनकर्ता से प्राप्त मूल्यांकन अनुसार आरक्षित मूल्य की गणना सौ फीसद के मान से की जाएगी।

जनभागीदारी से खेलकूद गतिविधियों का विकास

भोपाल के ग्राम सतगढ़ी में विकसित होने पर खेल गांव की 172 एकड़ जमीन कंसेशनेयर मेसर्स एस्सेल इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड मुंबई से वापस लेने का निर्णय कैबिनेट ने लिया। सरकार इस भूमि पर जनभागीदारी से खेल गतिविधियों का विकास करेगी। इसके लिए कंपनियों से बैंक गारंटी के रूप में मिले 20 करोड़ रुपये सरकार वापस करेगी। बदले में कंपनी हाईकोर्ट में दायर मामला वापस लेगी। यह भूमि अगस्त 2008 में कंपनी को खेल गतिविधि विकसित करने के लिए दी गई थी।

कैबिनेट के अन्य फैसले ...

- भोपाल के कोलार स्थित मंत्रालय गृह निर्माण सहकारी समिति की 1332 वर्ग मीटर भूमि 2.60 करोड़ रुपये में नीलाम करने की अनुमति दी।

- 'मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग" के गठन के निर्णय का अनुमोदन।

- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अस्थाई रूप से कार्यरत 2110 और तदर्थ कर्मचारियों की सेवा अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई।

- मप्र सड़क परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान के लिए 3.60 करोड़ का कर्ज देने का निर्णय।

- मप्र सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों को हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार महंगाई भत्ते के एरियर की अंतर राशि और इपीएफ का भुगतान करने के लिए 146.58 करोड़ कर्ज के रूप में देने का निर्णय।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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