भोपाल Madhya Pradesh News । बाघों के लिए शिकार कम न पड़े, इसलिए 1300 चीतल एक से दूसरे टाइगर रिजर्व में भेजे जाएंगे। बांधवगढ़ रिजर्व से 300 चीतल संजय गांधी और पेंच से 1000 चीतल नौरादेही और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजे जाएंगे। इनकी शिफ्टिंग अक्टूबर अंत से मार्च 2021 तक चलेगी। मप्र वन्यप्राणी विभाग की इस योजना को मप्र वन विभाग से स्वीकृति मिल गई है। यह भी हैं शिफ्टिंग की वजह - संजय गांधी टाइगर रिजर्व सीधी जिले में है। इसमें 12 से अधिक बाघ हैं, लेकिन चीतल कम हैं। चीतल छोड़ने से बाघों को आसानी से शिकार मिलेगा, वहीं चीतलों की संख्या भी बढ़ेगी।

- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व होशंगाबाद में है। इसमें चीतल व हिरण दोनों हैं, लेकिन बाघों की संख्या भी बढ़ रही है, इसलिए चीतलों को शिफ्ट किया जाएगा।

- पेंच रिजर्व छिंदवाड़ा व सिवनी जिले तक फैला है। यहां हजारों चीतल हैं, जिन्हें समय-समय पर दूसरे रिजर्व में भेजा जाता रहा है। - बांधवगढ़ रिजर्व में चीतलों की कमी नहीं है। ये रिजर्व सीमा से लगे खेतों में प्रवेश कर लेती है। इससे नुकसान होता है, इसलिए यहां से उन्हें संजय गांधी रिजर्व में भेजा जाएगा।

- बाघों के लिए शिकार की कमी न हो और चीतलों की संख्या भी संतुलित बनी रहे, इसलिए उन्हें एक से दूसरे रिजर्व में भेजने की योजना पर काम कर रहे हैं। मार्च 2021 तक शिफ्टिंग पूरी कर देंगे। - आलोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यप्राणी विभाग मप्र

Posted By: Sandeep Chourey

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