भोपाल। किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले कर्ज में फर्जीवाड़ा करने वालों पर अब शिकंजा और कसेगा। 316 लंबित शिकायतों की जांच तेजी से करने के निर्देश सरकार ने मैदानी अफसरों को दिए हैं। वहीं, अब तक 23 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना लागू करने के बाद जब किसानों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सहकारी समितियों से कर्ज लिए बिना कर्जमाफी की सूची में नाम आने और कर्ज में कम राशि लेने के बावजूद बड़ी रकम बकाया दर्शाने पर जब आपत्तियां आईं तो जांच कराई गई। 11 जिलों की 34 समितियों में गड़बड़ियां प्रमाणित निकलीं।

इसके आधार पर समितियों के 53 पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिलों में शिकायतों पर कार्रवाई चल रही है। जहां भी गड़बड़ी प्रमाणित पाई जा रही है वहां दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जितनी भी शिकायतें बची हैं, उनकी जांच तेजी से करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay

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