Madhya Pradesh Police: मोहम्मद रफीक,भोपाल। नवदुनिया। प्रदेश के पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने को लेकर घोषणाएं तो कईं बार हुई, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। हाल ही में राज्य के गृहमंत्री ने इस संबंध में बयान दिया है। पुलिसकर्मियों को फिर उम्मीद बंधी है, लेकिन हकीकत यह है कि इस बार भी इस पर अमल होना मुश्किल है। वजह पुलिस महकमे में स्वीकृत बल ही कम है। उस स्वीकृत बल में भी करीब 20 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। वर्ष 2014 से इस तरह की घोषणाएं हो रही हैं। बिना नई भर्ती किए साप्ताहिक अवकाश की बात बेमानी है, क्योंकि मैदानी पदस्थापना में तैनात हजारों पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देना होगा, जो संभव नहीं है। साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों को वर्ष में एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है।

हाल ही में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की बात कही थी। उनके बयान की पुलिस महकमे के चर्चा है। पुलिसकर्मियों को उम्मीद है कि शायद अब उनके लिए यह सुविधा शुरू हो जाए। हालांकि मौजूदा व्यवस्था पर नजर डालें तो यह सुविधा मिलना मुश्किल है क्योंकि प्रदेश के लिए स्वीकृत बल करीब सवा लाख है। इनमें भी लगभग 20 हजार पद खाली हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में साप्ताहिक अवकाश शुरू किया जाता है तो लगभग आठ हजार का अवकाश रहेगा, जिसकी भरपाई कानून-व्यवस्था के लिए करना मुश्किल है। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और निजी कारणों से भी पुलिसकर्मी अवकाश पर रहते हैं। मालूम हो, पुलिस विभाग में साप्ताहिक अवकाश के लिए वर्ष 2014 से लेकर अब तक पांच बार घोषणाएं हुई हैं। तीन बार प्रयोग भी किए गए, लेकिन बात नहीं बनी।

एक माह का मिलता है अतिरिक्त वेतन

पुलिस की ड्यूटी का समय अधिक होने से अभी इंस्पेक्टर से कांस्टेबल स्तर तक के कर्मचारियों को वर्ष में एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है। शासन की योजनानुसार अवकाश लेने की भी पात्रता है। इसके अलावा लगातार ड्यूटी करने वाले अमले को 15 दिन के अतिरिक्त अवकाश लेने का भी नियम है।

उधर, कार्यालयीन व्यवस्था में तैनात अमले को शासकीय छुट्टी का लाभ मिल जाता है। मालूम हो, हाल ही में चार हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि अधिकारी कहते हैं कि इनके प्रशिक्षण पूरा करने में करीब दो साल लगेंगे। तब तक सीमा क्षेत्र और थानों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी और यह बल रिक्त पदों की तुलना में नाकाफी होगा।

इनका कहना है

स्टाफ की कमी के कारण लगातार ड्यूटी पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही है। साप्ताहिक अवकाश और कानून-व्यवस्था की स्थिति में कानून-व्यवस्था पर ही प्राथमिकता रहती है। ऐसे में साप्ताहिक अवकाश की सुविधा अमल में नहीं ला पा रहे हैं।

अन्वेष मंगलम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशासन

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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