• पुलिस प्रशिक्षण स्कूल पचमढ़ी में 100 महिला पुलिसकर्मियों को तीन दिन दिया गया प्रशिक्षण

Madhya Pradesh Police Training Camp: भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। पुलिस महकमे की नौकरी में तनाव के किस्से आम हैं। नौकरी और पारिवारिक जीवन के बीच सामंजस्य बनाना भी काफी मुश्किल होता है। तनाव से बचने का सबसे अच्छा तरीका है- हर दिन कुछ नया सीखा जाए। व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर छोटी से छोटी चीज भी सीखी जाए तो खुशी मिलती है और तनाव कम होता है। इससे कार्यक्षमता में भी बढ़ोतरी होती है।

यह नतीजा निकला है पुलिस प्रशिक्षण स्कूल पचमढ़ी में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में। 18 से 20 मार्च तक आयोजित इस प्रशि‍क्षण शिविर को फुलवारी कांफ्रेंस नाम दिया गया था। इसमें प्रदेशभर से आरक्षक से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर की 100 कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुईं। विभिन्न् सत्र में मार्गदर्शन और आपसी चर्चा के बीच जो नतीजे निकले, उनमें सबसे ज्यादा बात तनाव प्रबंधन को लेकर हुई।

यहां से प्राप्त निष्कर्ष पुलिस मुख्यालय को भेजने की तैयारी है ताकि प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। तनाव दूर रखने के लिए जिस बात पर जोर दिया गया, वह था कुछ नया सीखा जाए। बताया गया कि हर दिन कोई नई बात सीखने से तनाव कम होता है। इसका अभ्यास भी कराया गया और नतीजे भी सकारात्मक आए। कुछ नया सीखने की खुशी तनाव पर भारी पड़ी। इसके अलावा परिवार और काम के बीच सामंजस्य रखने और पुलिस की छवि को बेहतर बनाने पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

हर जिम्मेदारी लेने को तैयार

प्रशिक्षण शिविर के दौरान अमेरिका से भी विशेषज्ञ जुड़े और मार्गदर्शन दिया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक चर्चा का अवसर दिया गया। इस दौरान सभी ने अपने अनुभव साझा किए। इस बात पर भी सभी एक राय थे कि अब महिलाओं के पुलिस की नौकरी में आने को लेकर समाज का नजरिया बदला है। अब इसे कुछ दशक पहले की तुलना में अप्रत्याशित नहीं माना जाता है। इसलिए महिला पुलिसकर्मियों को नौकरी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज में आदर्श स्थापित किया जाना चाहिए।

इनका कहना

प्रशिक्षण के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को कई विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। सबसे अधिक बात तनाव प्रबंधन और परिवार के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए काम करने को लेकर हुई। निदान के तौर पर आए सुझाव पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा को भेजे जाएंगे।

- निमिषा पांडे, पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, पचमढ़ी

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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