Madhya Pradesh Politics: राज्य ब्यूरो,भोपाल। मध्‍य प्रदेश में उपचुनाव से पहले ही भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने होने लगे हैं। इंटरनेट मीडिया पर दोनों दलों के समर्थक बुधवार को तब भिड़ गए, जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के बीच निक्कर को लेकर बयान सामने आए। टि्वटर पर दोपहर में अचानक हैश टैग 'हाँ हम निक्करधारी' ट्रेंड करने लगा और कुछ ही घंटों में दूसरे नंबर पर ट्रेंड कर गया। अनुमान है कि करीब 30 हजार टि्वट किए गए। हालांकि भाजपा का कहना है कि इसमें पार्टी की तरफ से कोई पहल नहीं की गई।

दरअसल, कमल नाथ ने बयान दिया था कि जब विष्णु दत्त शर्मा ने निक्कर पहनना भी नहीं सीखा था, तब वह छिंदवाड़ा से सांसद हुआ करते थे। इस दौरान उन्होंने शर्मा का नाम भी ये कहते हुए पूछा था कि वौ कौन है, भाजपा में शर्मा? इस बयान को भाजपा ने चुनावी माहौल में अपने पक्ष में लपकने में कोई देरी नहीं की। कमल नाथ द्वारा नाम भूलने पर उनकी उम्र को लेकर तंज कसा गया, वहीं निक्कर को संघ के गणवेश से जोड़ दिया गया। हालांकि संघ में अब स्वयंसेवक को फुलपैंट की अनुमति है।

चूंकि दशहरा पर संघ का स्थापना दिवस है और पूरे देश में संघ के स्वयंसेवक पूरे गणवेश में पथसंचलन में भाग लेते हैं, तो दो दिन पूर्व ही गणवेश पर सवाल उठने से संघ समर्थक कांग्रेस पर भड़क गए और उन्होंने संघ के कार्यक्रम में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित विभिन्न् दिग्गजों के वीडियो और फोटो साझा करते हुए संघ के महिमामंडन और राष्ट्र भक्ति पर जमकर सामग्री साझा की। साथ ही कांग्रेस को कोसा। हालांकि संघ के विरोध में भी कई टि्वट किए गए, जो दिखने में कांग्रेस समर्थकों के प्रतीत हो रहे हैं। जानकार मानते हैं कि संघ पर निशाने की तस्वीर उभरने से भाजपा को उपचुनाव में फायदा मिल सकता है, क्योंकि प्रदेश में आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बीच संघ का प्रभाव है।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी इसे अपना हैशटैग बताने से कतरा रही है। पार्टी के प्रदेश मंत्री और आईटी विभाग के प्रभारी रजनीश अग्रवाल का कहना है कि भाजपा ने अपनी ओर से कोई हैशटैग नहीं चलाया, यह तो भारतीय जनता पार्टी के सामान्य सायबर योद्धाओं और शुभचिंतकों द्वारा चलाया गया है। इस हैशटैग का उपयोग इक्का-दुक्का विधायक सांसद या प्रदेश पदाधिकारियों ने ही किया है।

मुझे कमल नाथ के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं- विष्णु दत्त शर्मा

कमल नाथ जी जिस निकर की बात कर रहे हैं, उसे पहनकर ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जो देश-दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है, के विचारों से ओत-पोत होकर ही यहां खड़ा हूं। मैंने जो आज सीखा है इसलिए उनका सम्मान करता हूं। वे वरिष्ठ नेता हैं और शायद साठ वर्ष से अधिक आयु के भी हो गए हैं। मुझे कमल नाथ के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। वे मुझे पहचानते हैं या नहीं, इसकी भी मुझे आवश्यकता नहीं है। मेरा प्रदेश और कार्यकर्ता मुझे जरूर पहचानते हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि हम प्रमाण पत्र भी नहीं दे रहे हैं। उन्हें तो उनकी पार्टी के नेता ही नहीं जानते हैं। वे गुमराह करने वाली राजनीति छोड़कर अपनी पार्टी में अपनी पहचान बनाएं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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