भोपाल। Madhya Pradesh Public Service Commission मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति पत्र जारी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का चयन एम.पी.पी.एस.सी. के माध्यम से हुआ है उन्हें नियुक्ति प्रदान करने में संशय की कोई गुंजाइश नहीं है। जो अतिथि विद्वान पूर्व से कार्यरत हैं उन्हें भी यथावत रखा जाएगा।

इससे पहले मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) से चयनित सहायक प्राध्यापक राजधानी के नीलम पार्क में क्रमिक भूख हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार को करीब 32 सहायक प्राध्यापक भूख हड़ताल में शामिल हुए।

चयनित सहायक प्राध्यापकों ने राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन राजभवन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इससे निराश होकर चयनित उम्मीदवार अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। महिला सहायक प्राध्यापक भी अपने छोटे बच्चों के साथ धरनास्थल पर डटी रहीं। सहायक प्राध्यापक संघ का संविधान रक्षा आंदोलन और भूख हड़ताल कई दिनों से जारी है।

मंगलवार को संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश खातरकर ने कहा था कि 12 नवंबर को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति देने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नियुक्ति नहीं हुई। संघ ने कहा कि जब तक नियुक्ति संबंधी हमारी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक शांति पूर्वक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। अभी तक 300 से अधिक सहायक प्राध्यापकों ने मुंडन कराया है, आगे भी जारी रहेगा। चयनित सहायक प्राध्यापकों ने शाम को भोपाल गैस त्रासदी में मृत लोगों को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी।

Posted By: Hemant Upadhyay