भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला प्रक्रिया में हर दिन नई खामी सामने आ रही है। अब कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें विभाग ने ऐसे स्कूलों में शिक्षकों के ट्रांसफर कर दिए, जो तीन साल पहले ही बंद हो चुके हैं।

दरअसल, ऐसे स्कूलों का नाम शिक्षा पोर्टल की सूची से हटाया नहीं गया था। इसमें शिक्षकों ने इस बार ऑनलाइन आवेदन कर दिए और स्कूलों में रिक्त पदों की सूची को अपडेट नहीं किया गया। इस कारण दूसरे जिले के कई शिक्षकों ने भोपाल जिले के मर्ज किए गए स्कूलों के लिए आवेदन कर दिया। अब बंद हुए स्कूलों में दूसरे जिलों से तबादला होकर आए शिक्षक परेशान हो रहे हैं।

केस : 1

विदिशा जिले की प्राथमिक शिक्षिका अंजना शर्मा का तबादला हमीदिया रोड स्थित प्राथमिक शाला बहीबिया में कर दिया गया, जबकि इस स्कूल को तीन साल पहले पास के स्कूल में मर्ज कर दिया गया है।

केस : 2

राकेश कुमार का प्राथमिक शाला बालक गिन्नौरी में तबादला कर दिया गया जबकि प्राथमिक शाला बालक गिन्नौरी, प्राथमिक शाला काजीपुरा, प्राथमिक शाला कन्या निर्मल मीरा, प्राथमिक शाला बालक मुंगालिया कोर्ट को मर्ज कर दिया है।

होल्ड पर रखे गए तबादले

ये शिक्षक अपने जिले से रिलीव होकर ज्वाइनिंग के लिए संकुल प्राचार्य के पास पहुंचे थे। तब पता चला कि ये स्कूल मर्ज होकर बंद हो चुके हैं। गड़बड़ी सामने आने के बाद ऐसे सभी ट्रांसफर को होल्ड कर दिया गया है।

पुरानी सूची कर दी थी अपलोड

सूत्रों के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादला पोर्टल पर सालों पुरानी सूची अपडेट कर दी थी। सत्र 2016-17 में स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की जो सूची डाली गई थी, उसके आधार पर स्थानांतरण किया जा रहा है। तीन साल से सूची अपडेट न होने के कारण भी परेशानी हो रही है। बता दें कि ऑनलाइन प्रक्रिया में लगभग 35 हजार शिक्षकों के तबादलों में से अब तक 18 हजार 547 रिलीव हुए है। इनमें से 4 हजार 990 ज्वाइन कर लिया है और 219 रिलीविंग के दौरान होल्ड पर हैं। इसमें से 10 हजार 795 ने ज्वाइन कर लिया और इस दौरान 1301 होल्ड पर हैं।

इनका कहना है

जिन स्कूलों को मर्ज कर आस-पास के स्कूलों में किया गया है, उन स्कूलों में अगर खाली पद होगा तो वहां शिक्षकों को ज्वाइनिंग कराई जाएगी या उनके स्वेच्छानुसार दूसरे स्कूलों में भी भेजा जाएगा। अभी ऐसे मामलों को रोक दिया गया है।

डीएस कुशवाहा, अपर संचालक, डीपीआई