भोपाल/शिवपुरी। 11 सेकेंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी करने का वीडियो वायरल होने के बाद रातों-रात स्टार बने शिवपुरी के एथलीट रामेश्वर गुर्जर भोपाल के ट्रैक पर पीठ दर्द के चलते खुद को साबित नहीं कर पाए। रामेश्वर ने 100 मीटर की दौड़ 12 सेकंड 9 पल्स में पूरी की। इस तरह ट्रायल में वो आखिरी स्थान पर रहे। मीडिया से चर्चा में रामेश्वर ने कहा कि, "पहली बार इस ट्रैक पर जूते पहन के दौड़ा इसलिए नहीं लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। कमर में दर्द भी था इसके चलते उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया।

रामेश्वर का ट्रायल देखने के लिए प्रदेश के खेल मंत्री जीतू पटवारी खुद मौजूद रहे। ट्रायल के बाद उन्होंने कहा कि, "रामेश्वर पहली बार इस तरह के माहौल में दौड़ा है। भले ही वो ट्रायल में आखिरी स्थान पर रहा हो, लेकिन हम उसे मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एकेडमी में अगले एक महीने तक ट्रेनिंग देंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, ऐसे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए एक ओपन कंपटीशन कराया जाएगा। साथ ही रामेश्वर को 1 महीने की ट्रेनिंग भी विभाग देगा। उनका कहना है कि, 'गांव से आये रामेश्वर ओर एक अन्य खिलाड़ी का वजन भी कम है, उन्हें सही खुराक ओर ट्रेनिंग मिलेगी तो वो कमाल कर सकते हैं।

रामेश्वर के साथ गए शिक्षक राजेन्द्र गुर्जर ने कहा कि पीठ दर्द के चलते उसे परेशानी हुई, ठीक होते ही वो लक्ष्य पूरा करेगा।

ट्रायल में आखिरी आने पर रामेश्वर भी मायूस हुए। उन्होंने बताया कि, "रविवार से ही मेरी पीठ में दर्द था। फिर भी कोशिश की। पहला मौका था, आगे इसमें सुधार की कोशिश करूंगा।"

बता दें कि रविवार को स्पोर्ट्स मेडिकल सांइस सेंटर में रामेश्वर को फिटनेस से संबंधी कुल 16 टेस्ट से गुजरना पड़ा था। इसमें सभी में रिपोर्ट रामेश्वर के पक्ष में गई है। उसका कुल वजन 48 किलो निकला जो इस उम्र के धावक के लिए कम है।

खेलमंत्री बोले, जिस जूते में सहज हो वह पहनना

वहीं खेलमंत्री जीतू पटवारी ने भी स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में रामेश्वर से मुलाकात कर उसका हौसला बढ़ाया था। उन्होंने रामेश्वर का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि, ये सिर्फ ट्रायल है, इसके नतीजे कुछ भी हो, इससे तुम्हारी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम तुम्हारी प्रतिभा को निखारने में कोई कमी बाकी नहीं रहने देंगे। उन्होंने रामेश्वर से जूते तक के बारे मे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि, जिसमें तुम सहज हो उस ही जूते में दौड़ना, अभी ट्रायल के लिए समय चाहिए तो बाद में भी ट्रायल हो सकते है। मगर रामेश्वर ने कहा था कि मैं कल ही दौड़ना चाहता हूं।