भोपाल। राजधानी में सोमवार को विगत 15 दिन से हो रही बारिश थमी, बादल छंटे और मौसम साफ हुआ लेकिन देर शाम दोबारा जमकर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 39 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है कि एक से 15 सितंबर तक लगातार बारिश हुई और 15 दिन बाद लोगों ने सूरज देखा। इधर, मौसम विभाग ने सोमवार को पांच जिलों में तेज बारिश का रेड अलर्ट और 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।

रेड अलर्ट हरदा, होशंगाबाद, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ के लिए जारी किया गया है। वहीं ऑरेंज अलर्ट विदिशा, टीकमगढ़, खंडवा, सागर, गुना, अलीराजपुर, धार, अशोकनगर, देवास, शाजापुर, नरसिंहपुर, बुरहानपुर के लिए जारी किया गया है।

इसके अलावा भोपाल समेत प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि बारिश का यह क्रम 22 सितंबर तक इस तरह ही चलता रहेगा। कभी कम बारिश तो कभी तेज बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि बारिश का जो सिस्टम बना हुआ था वह धीरे-धीरे कमजोर होते जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में बना हुआ है साथ ही हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा 3.1 किलोमीटर तक बना है। जिसके कारण मप्र का मानसून कमजोर होते जा रहा है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका मीन सी लेवल पर मंगानगर दिल्ली से होते हुए मालदा नागलैंड तक बना हुआ है। वहीं हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश दक्षिणी उड़ीसा कोस्ट पर बना हुआ है जो ऊंचाई के साथ दक्षिण दिशा की ओर झुका हुआ है।

33.3 मिलीमीटर मिली बारिश तो 2006 का टूटेगा रिकार्ड

इधर, भोपाल में अब तक 1653.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 2006 में सितंबर माह तक 1686.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी। लिहाजा 33.3 मिलीमीटर बारिश हुई तो 2006 में हुई बारिश का रिकार्ड टूट जाएगा। अब तक भोपाल जिले में सामान्य से 83 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है।

हालांकि मौसम विभाग ने भोपाल में सोमवार-मंगलवार को हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इधर इस साल मानसून में एक जून से 15 सितंबर तक 33 जिलों में सामान्य से अधिक, 16 जिलों में सामान्य एवं बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। सर्वाधिक बारिश मंदसौर जिले में और सबसे कम सीधी जिले में दर्ज की गई है।