Madhya Pradesh Weather Alert: भाेपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून पूर्व की गतिविधियाें के बीच आज से नौतपा (25 मई से दाे जून) की शुरुआत हाे रही है। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक वर्तमान में अलग-अलग स्थानाें पर तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इससे वातावरण में लगातार नमी आ रही है। नौतपा के दौरान गर्मी के तेवर नरम रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हाे सकती है। मंगलवार काे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस सीधी में दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक मंडला में आठ, मलाजखंड में एक मिलीमीटर बारिश हुई। जबलपुर, इंदौर में बूंदाबांदी हुई।

उधर राजधानी में मंगलवार सुबह पांच बजे लगभग 60 किलाेमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ तेज बौछारें पड़ीं। इससे न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 19.5 डिग्रीसे. पर आ गया। यह पिछले 10 साल का रात का सबसे कम तापमान है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि मानसून पूर्व की गतिविधियाें में तेजी आने के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट हाेने लगी है। हालांकि वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण उमस बढ़ गई है। मंगलवार काे राजधानी का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्रीसे. दर्ज किया गया, जाे सामान्य से दाे डिग्रीसे. कम रहा।

न्यूतनतम तापमान 19.5 डिग्रीसे. रिकार्ड हुआ, जाे सामान्य से सात डिग्रीसे.कम रहा। यह साेमवार के न्यूनतम तापमान 28 डिग्रीसे. के मुकाबले 8.5 डिग्रीसे. कम रहा। साहा के मुताबिक बुधवार काे भी मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल, भाेपाल संभागाें के जिलाें में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

ये तीन सिस्टम हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में जम्मू के आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में एक पश्चिमी विक्षाेभ सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन तीन मौसम प्रणालियाें के कारण आ रही नमी की वजह से मप्र में अलग-अलग स्थानाें पर बादल बने हुए हैं। साथ ही गरज–चमक के साथ बारिश हाे रही है। मौजूद स्थिति काे देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि इस बार नौतपा में भी बारिश होगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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