भोपाल। बंगाल की खाड़ी में आंध्रा कोस्ट पर बनने जा रहे कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने और मध्यप्रदेश में वर्तमान में किसी मानसूनी सिस्टम के सक्रिय नहीं रहने से बरसात की गतिविधियों में कमी आ गई है। इससे अब मौसम साफ होगा और धूप निकलेगी। हालांकि वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने के कारण तापमान बढ़ने पर कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता के मुताबिक गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के खजुराहो में 39.6, खंडवा में 20, खरगोन में 17, रीवा में 13, नौगांव में 12, सागर, पचमढ़ी और गुना में 7, धार में 5, ग्वालियर में 2.2, बैतूल में 2, इंदौर में 1 मिमी. बरसात हुई।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में आंध्रा कोस्ट पर बना ऊपरी हवा का चक्रवात कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है, लेकिन यह सिस्टम कमजोर पड़ गया है। इसके अतिरिक्त मप्र में अभी कोई मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इससे फिलहाल तेज बौछारें पड़ने के आसार नहीं हैं।

शुक्ला के मुताबिक अरब सागर में शुक्रवार को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से दो दिन बाद मालवा क्षेत्र में कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा वातावरण में नमी रहने के कारण तापमान बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें पड़ने के आसार भी अभी बने रहेंगे।