भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। चक्रवाती तूफान निवार के समाप्त होने से प्रदेश में हवाओं की रफ्तार अब कम हो गई है। उधर कोई वेदर सिस्टम प्रदेश और आसपास सक्रिय नही रहने से वातावरण शुष्क हो गया है। इससे रात के तापमान में अब और गिरावट होने के आसार बढ़ गए हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवा का रुख उत्तरी बना रहने से दो-तीन दिन तक ठंड के तेवर तीखे बने रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम के मिजाज में एक बार फिर बदलाव होगा और ठंड से कुछ राहत मिलेगी।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान तमिलनाडु के तट से टकराया था। उसके असर से जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं बरसात हुई थी,लेकिन प्रदेश के शेष इलाके तूफान से अप्रभावित रहे थे। तूफान के कमजोर पड़ने तक प्रदेश में 18 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही थीं। हवाएं उत्तर भारत की तरफ से आने के कारण वातावरण में सिहरन महसूस हो रही थी। शनिवार को तूफान समाप्त हो जाने के कारण हवाओं की रफ्तार कम हो गई है। उधर वर्तमान में मप्र या आसपास कोई वेदर सिस्टम नहीं है। उत्तर भारत में भी कोई पश्चिमी विक्षोभ अभी नहीं है। इससे वातावरण शुष्क बना हुआ है, लेकिन हवाओं का रुख लगातार उत्तरी बना रहने से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा।

तीन दिसंबर के बाद मौसम में होगा बदलाव

अजय शुक्ला ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में ईरान पर है। इसके तीन दिसंबर के आसपास उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके भी दो-तीन दिसंबर को चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होकर तमिलनाडु के तट पर पहुंचने की संभावना है। इन दो सिस्टम के कारण हवाओं के रुख में बदलाव होगा। वातावरण में नमी बढ़ेगी। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इन सिस्टम के कमजोर पड़ने के बाद फिर ठंड की वापसी होगी।

Posted By: Lalit Katariya

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