भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के क्षेत्र पर सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर आंध्रप्रदेश और उड़ीसा कोस्ट तक जा रहा है। इस वजह से मध्यप्रदेश के विभिन्न इलाकों में एक बार फिर रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बरसात का यह सिलसिला 3-4 दिन तक जारी रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार सुबह 8ः30 से शाम 5ः30 बजे तक प्रदेश के मलाजखंड में 35, मंडला में 26, पचमढ़ी में 21, जबलपुर में 17.7, शाजापुर में 16, भोपाल शहर में 14, खजुराहो में 12.4, उमरिया, होशंगाबाद में 8, भोपाल (बैरागढ़), सागर में 6 मिमी. बरसात हुई।

मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि उप्र पर बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे होकर गुजर रहे मानसून ट्रफ के अलावा सौराष्ट्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। एकसाथ तीन सिस्टम के कारण मप्र में बड़े पैमाने पर नमी मिल रही है। इससे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी मप्र के कुछ क्षेत्रों में बुधवार को रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हुआ है। साहा के मुताबिक इस तरह की बरसात का सिलसिला 3-4 दिन तक चल सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बरसात भी हो सकती है।