भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। 30 साल में पहली बार कम दबाव का क्षेत्र लगातार 8 दिन तक सक्रिय है। यह सिस्टम पिछले पांच दिन से मप्र में बना हुआ है। अरब सागर से नमी मिलने के कारण यह और शक्तिशाली हो गया है। साथ ही मानसून ट्रफ के भी प्रदेश से गुजरने के कारण अनेक स्थानों पर तेज बरसात का दौर जारी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी-3-4 दिन तक बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। शुक्रवार-शनिवार को इंदौर, भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन, सागर संभाग में कहीं-कहीं भारी बरसात भी हो सकती है।

धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, आलीराजपुर, बैतूल, होशंगाबाद, हरदा, देवास, राजगढ़, सीहोर, विदिशा और सागर में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं आगर, अनूपपुर, डिंडोरी, अशोकनगर, शिवपुरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, गुना, रतलाम, शाजापुर, भोपाल, रायसेन और रीवा जिले में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

कहां कितनी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मलाजखंड में 69, सागर 65, रायसेन 49, मंडला 48, गुना 45, भोपाल 29.2, धार 27, शाजापुर 26, उमरिया 24, जबलपुर 22.4, होशंगाबाद और सीधी में 10, पचमढ़ी में 9, नौगांव में 6, दमोह में 3, इंदौर में 2.8, बैतूल, उज्जैन में 1मिमी. बरसात हुई।

क्यों हो रही है बारिश

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में 8 दिन पहले कम दबाव का क्षेत्र बना था। यह सिस्टम 3 दिन तक उड़ीसा में सक्रिय रहा। इसके बाद छत्तीसगढ़ से होते हुए मप्र के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र पर सक्रिय हो गया। पिछले 5 दिन से यह सिस्टम मप्र में बना हुआ है। इससे लगातार बरसात का दौर जारी है। शुक्ला के मुताबिक वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र एवं उससे लगे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। साथ ही साथ ही इसके ऊपरी भाग में 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक हवा चक्रवाती हवा का बना हुआ है।

मानसून ट्रफ (द्रोणिका लाइन) बीकानेर, जयपुर से एमपी में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र से होकर अंबिकापुर, जमशेदपुर, दीघा से बंगाल की खाड़ी तक गया है। एक अन्य द्रोणिका दक्षिण गुजरात से पश्चिम बंगाल के समुद्र तट तक बनी हुई है, जो कम दबाव के क्षेत्र से दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं उत्तरी छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के बीच से होकर जा रही है। इसी तरह उत्तर-पूर्व अरब सागर एवं उससे लगे इलाके में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। एक अन्य चक्रवात पश्चिम बंगाल से लगे इलाके में बना हुआ है।