भोपाल,इंदौर। Madhya Pradesh Weather Update प्रदेश में बने ऊपरी हवा के चक्रवात के कारण आसमान पर बादलों की मौजूदगी बरकरार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को यह सिस्टम समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद बादल छंटना शुरू होंगे और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाएगा। उधर, बुधवार को ग्वालियर में 5 मिमी बरसात हुई,जबकि राजगढ़ में बूंदाबांदी हुई।

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। इससे राजस्थान पर बना प्रेरक चक्रवात समाप्त हो गया है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम मप्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बन गया है।

बड़े पैमाने पर आ रही नमी से बादल छाए

इस सिस्टम के कारण बड़े पैमाने पर आ रही नमी से बादल छाए हुए हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर बरसात हो रही है। सरवटे के मुताबिक गुरुवार को भी ग्वालियर, सागर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

प्रदेश पर बने सिस्टम के भी समाप्त होने की संभावना

उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम तक प्रदेश पर बने सिस्टम के भी समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद बादल छंट जाएंगे और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू होगा। दो-तीन दिन बाद उत्तर भारत में दाखिल होने के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ेगा और कई स्थानों पर बरसात की संभावना बनेगी।

भोपाल में दस बजे तक छाया रहा कोहरा

राजधानी में बुधवार सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। रात एक बजे के बाद से ही कोहरा बढ़ना शुरू हो गया था। सुबह के समय 50 मीटर ही दृश्यता रह गई थी।

मालवा-निमाड़ अंचल में बारिश

मालवा-निमाड़ अंचल के कई स्थानों पर बुधवार को रिमझिम और तेज बारिश हुई। इससे ठिठुरन बढ़ गई। रतलाम के आलोट, धराड़, धार के बदनावर, उज्जैन के नागदा, मंदसौर, नीमच, शाजापुर और आगर में बारिश हुई। कि सानों का कहना है कि मावठे से फायदा भी है और नुकसान भी, क्योंकि बारिश अगर तेज हो गई तो कड़वे पानी से फसलों की जड़ों में नुकसान पहुंचेगा। जिन खेतों में पानी नहीं पहुंचा है, उसे इस बारिश से थोड़ा लाभ मिलेगा।

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