भोपाल। मध्‍य प्रदेश के ग्रामीणों को पंचायतों में ही आवेदन जमा करने से लेकर जरूरी दस्तावेज मिलने की सुविधा देने के लिए शुरू किए जा रहे Mahatma Gandhi Village Service Center महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्रों का शुभारंभ टल गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन 19 नवंबर से पांच हजार पंचायतों में केंद्र शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन नेटवर्किंग सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के मद्देनजर इसे रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब एक साथ पूरे प्रदेश में 26 जनवरी से इसे लागू किया जा सकता है।

केंद्र सरकार के डिजीटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को जरूरी सेवाओं के लिए दूर तक चलकर न जाना पड़े, इसके लिए सुविधा केंद्रों की शुरुआत की जानी थी। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पांच हजार पंचायतों को चिन्हित भी कर लिया था।

तय किया गया था कि महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र के नाम से इन्हें शुरू किया जाएगा। इनमें खसरा, खतौनी, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य ऐसे दस्तावेज निश्चित समयसीमा में मिलने थे, जिनके लिए लोक सेवा गारंटी कानून के तहत मियाद तय है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लिए हितग्राहियों के आवेदन सहित अन्य सुविधाएं भी मिलनी हैं। पंचायत भवन के एक कक्ष में केंद्र की स्थापना कर प्रत्यक्ष तौर पर 23 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। दरअसल, ऑनलाइन सुविधा के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर रखे जाने थे।

सूत्रों का कहना है कि पंचायत स्तर पर नेटवर्किंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। अन्य संसाधन भी एकदम उपलब्ध होने में समस्या आ रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने तय किया है कि एक बार में पूरी तैयारी के साथ केंद्र शुरू किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को केंद्र खुलने के साथ ही सुविधाएं मिलने लगे। बताया जा रहा है कि अगले दो माह में इसकी तैयारी करके बड़े स्तर पर महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्रों का शुरुआत की जाएगी।

कोई कमी न रहे, इसलिए स्थगित किया है- पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल का कहना है कि पंचायतों में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र खोले जाएंगे। कुछ जगह पर नेटवर्किंग की समस्या की बात सामने आई थी। पंचायतों के पास संसाधन तो हैं, लेकिन केंद्र खुलने की वजह से दूसरे काम प्रभावित न हों, इसके लिए अब एक साथ पूरी तैयारी के साथ इन्हें खोला जाएगा।

Posted By: Hemant Upadhyay