अंजली राय, भोपाल। कुटुंब न्यायालय में वैसे तो पति-पत्नी के तलाक के सैकड़ों मामले आते रहते हैं, लेकिन इस बार कुछ नये तरीके का मामला ही सामने आया है। यहां बात हो रही है शादी के लिए पहले शादी करने की फिर मतलब निकल जाने पर तलाक की मांग करने की। दरअसल मांगलिक युवक ने अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए पहले मंगली लड़की से शादी की, ताकि उसका मंगल दोष दूर हो सके। फिर शादी के एक महीने बाद से ही पत्नी से तलाक की मांग करने लगा और अब एक साल बाद न्यायालय में याचिका लगा दी।

अभी इस तरह के दो मामले कुटुंब न्यायालय में हैं, जहां दोनों युवकों की काउंसलिंग चल रही है। इस मामले में कानून विशेषज्ञों का कहना है कि युवक का मंगल दोष दूर करने का तरीका गलत है। कानूनी रूप से अंधविश्वास किसी रिश्ते के टूटने का आधार नहीं हो सकता। दोनों युवकों ने लड़की को धोखे में रखकर शादी की है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। पत्नी चाहे तो धोखाधड़ी का केस दर्ज करा सकती है।

पत्नी ने तलाक देने से किया मना

सरकारी नौकरी में पदस्थ युवक ने न्यायालय में तलाक का केस लगाया, लेकिन पत्नी ने इससे इंकार कर दिया। पत्नी का कहना है कि पति ने अपनी प्रेमिका से शादी करने और मंगल दोष मिटाने के लिए शादी की, जो एक प्रकार का धोखा है। लड़की के पिता ने भी इस शादी को स्वार्थवश रचा षड़यंत्र बताया। वहीं युवक का कहना है कि वह मांगलिक था। वह अपनी प्रेमिका से ही शादी करना चाहता था, लेकिन पंडित ने कहा कि इस लड़की से शादी करने से पहले एक मंगली लड़की से शादी करना जरूरी है। फिर दूसरी शादी तुम अमांगलिक लड़की से भी कर सकते हो। पंडित की सलाह पर ही उसने गांव की एक लड़की से बीते 2020 नवंबर में शादी की थी। अब इससे तलाक लेकर प्रेमिका से शादी करना चाहता है।

शादी के आठ माह बाद ही मायके भेज दिया

एक अन्य मामले में इंजीनियर युवक ने अपना मंगल दोष मिटाने के लिए मंगली लड़की का हाथ थामा। अब आठ महीने बाद ही उसने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी। हालांकि कोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया है। इस मामले में पत्नी का कहना है कि शादी के एक माह बाद ही मुझे मायके भेज दिया और फिर कभी लेने ही नहीं आए। अब सीधे तलाक का नोटिस भेजा गया है।

इनका कहना है

कोर्ट को मंगल दोष से कोई मतलब नहीं है। दोनों युवकों पर उनकी पत्नियां चाहे तो धोखाधड़ी या दहेज प्रताड़ना का केस लगा सकती हैं।

रिता तुली, वरिष्ठ काउंसलर व कानूनी सलाहकार

- यह अपराध की श्रेणी में आएगा। इन दोनों मामलों में धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का केस पत्नियां लगा सकती हैं।

गुंजन चौकसे, वकील

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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