भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मंत्रालयीन कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी के चुनाव में पहली बार दो निर्वाचन अधिकारी चुनाव करवा रहे हैं। इसके कारण कर्मचारियों में घमासान मचा हुआ है। एक निर्वाचन अधिकारी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर अध्यक्ष भी घोषित कर चुके हैं। इसके बाद दूसरे निर्वाचन अधिकारी भगवान सिंह यादव ने चुनावी प्रक्रिया तेज कर दी है। उन्होंने 29 नवंबर तक मतदाता सूची पर दावे आपत्तियां बुलवाईं हैं, 14 दिसंबर को चुनाव कराने की घोषणा की है तो वहीं पहले निर्वाचन अधिकारी संतोष ठाकुर ने कराए गए चुनाव की कार्रवाई और विजयी पदाधिकारियों की सूची रजिस्ट्रार फर्म्‍स एवं सोसाइटी को सौंप दिए हैं।

चुनाव को लेकर मंत्रालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल व नेताजी सुभाष चंद्र बोस पैनल के अपने-अपने दावे हैं। इसमें से सुभाष चंद्र बोस पैनल के लगभग सभी पदाधिकारियों ने पूर्व में चुनाव अधिकारी संतोष ठाकुर द्वारा कराई गई चुनावी प्रक्रिया को सही ठहराया है। इसी पैनल के सुभाष वर्मा अध्यक्ष चुने गए हैं। बाकी के पदों पर भी सुभाष चंद्र बोस पैनल के कर्मचारियों को चुना गया है। मंत्रालय कर्मचारी संघ मुख्य कर्मचारी संघ है, इसमें पहली बार विवाद की स्थिति सामने आई है।

वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल पैनल ने संतोष ठाकुर द्वारा कराए चुनाव को वैध नहीं माना है। लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि संतोष ठाकुर ने गलत चुनाव करवा दिए हैं। इस प्रकरण की शिकायत भी उक्त पैनल द्वारा शासन को कर दी है। चुनाव को अमान्य करने की मांग की है। यह सभी शिकायतें सरदार वल्लभ भाई पटेल पैनल की तरफ के आशीष सोनी, राजकुमार पटेल व अन्य ने की है।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

मंत्रालय कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। कार्यकाल 28 फरवरी 2021 को खत्म हो गया। इसके बाद निवृत्तमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष सुधीर नायक, कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पटेल व अन्य पदाधिकारियों ने संतोष ठाकुर को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया था। उनके द्वारा निर्वाचन अधिसूचना जारी कर दी थी। कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच सुभाष चंद्र बोस पैनल के सुभाष वर्मा व अन्य ने आपत्ति दर्ज कराई कि मतदाता सूची में निवृत्तमान कार्यकारिणी ने मृतक कर्मचारी व मंत्रालय के बाहर के कर्मचारियों के नाम जुड़वा दिए हैं। निर्वाचन अधिकारी इस आपत्ति का निराकरण कर ही रहे थे कि मार्च के अंत तक कोरोना संक्रमण तेज हो गया और इस तरह बीच में ही चुनावी प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा था।

यह प्रक्रिया छह से सात माह से स्थगित रही, फिर निर्वाचन अधिकारी ने नवंबर में चुनाव कराने के लिए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी। उन्होंने पूर्व में प्राप्त आपत्तियों को भी सही पाया। जिस पर निवृत्तमान कार्यकारिणी और सरदार वल्लभ भाई पैनल ने चुनाव अधिकारी संतोष ठाकुर को बदल दिया और भगवान सिंह यादव को नियुक्त् कर दिया। इसका संतोष ठाकुर व सुभाष चंद्र बोस पैनल ने विरोध किया। निर्वाचन अधिकारी ने शासन को शिकायत कर दी और पूर्व घोषित अधिसूचना के आधार पर 18 नवंबर को निर्विरोध चुनाव करवा दिए हैं। इस चुनाव को सरदार वल्लभ भाई पटेल पैनल वैध नहीं मान रही है। उक्त कार्यकारिणी द्वारा नियुक्त दूसरे चुनाव अधिकारी भगवान सिंह यादव 14 दिसंबर को चुनाव कराने के दावे कर रहे हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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