भोपाल (ब्यूरो)। बड़े तालाब के विस्तार में अवरोध बने अतिक्रमण को चिन्हित करने की कार्रवाई जिला प्रशासन की टीम ने शुरू कर दी है। अब तक की जांच में कई स्थानों पर तालाब के फुल टैंक लेवल से नियमानुसार मुनारें नहीं मिली है। भैंसाखेड़ी, भौंरी, खजूरीसड़क, खानूगांव सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मुनारों से पानी 50 मीटर तक आगे निकल गया है। अब तक तालाब की एफटीएल सीमा में करीब 134 बड़े अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण को दो तरीके से चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। पहला मौका मुआयना कर अतिक्रमणों चिन्हित किए जा रहे हैं। दूसरी ओर ड्रोन से भी फोटोग्राफी कराई जा रही है। इसे रिकॉर्ड के तौर पर रखा जाएगा। साथ ही राजस्व नक्शे में भी तालाब की अधिकतम सीमा के लिए संशोधन किए जाएंगे। फिलहाल खसरे में अतिक्रमणों को दर्ज करने की कवायद भी की जा रही है।

रसूखदारों का अतिक्रमण सामने आया

वीआईपी रोड, कमलापार्क, खानूगांव में कई स्थानों पर मुनारे नहीं मिली हैं। यहां नक्शे के आधार पर हुए सर्वे में कई रसूखदारों के निर्माण एफटीएल में सामने आए हैं। बताया जा रहा है इसमें रिटायर्ड आईएएस व आईपीएस अफसरों के साथ नेताओं के भी निर्माण हैं। बड़े अतिक्रमणों को लेकर अलग से सूची तैयार की जा रही है। वन ट्री हिल्स के पास बड़े तालाब के 50 मीटर दायरे में अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।

जारी होंगे नोटिस

तालाब के अधिकतम जलभराव से 50 मीटर दूरी तक हुए अतिक्रमणों को हटाने के लिए नगर निगम व जिला प्रशासन अभियान के तौर पर कार्रवाई करेगा। सोमवार को निगम व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इससे पहले भी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है, लेकिन अब अभियान के तौर पर कार्रवाई करेंगे। पहले नोटिस देकर लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया जाएगा।