भोपाल। राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के सभी छह विधायकों के पाला बदलकर सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने पर पार्टी सुप्रीमो मायावती भले ही कांग्रेस से नाराज हों, लेकिन इससे मप्र की कमलनाथ सरकार की सेहत पर हाल फिलहाल कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है।

यहां भी बसपा के दो विधायक बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे हैं। वैसे भी 114 कांग्रेस, चार निर्दलीय और एक सपा विधायक के समर्थन के चलते राज्य की कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है, जबकि बहुमत के लिए 116 विधायकों के समर्थन की ही जरूरत है।

सूत्रों के मुताबिक राजस्थान की घटना के बावजूद मप्र में अब तक सरकार को समर्थन के मुद्दे पर पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया है। वैसे भी यहां बसपा के दो विधायक हैं जो मुख्यमंत्री कमलनाथ के काफी निकट हैं। इनमे से एक संजीव कुशवाह के राखी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कमलनाथ ने उनके चुनाव क्षेत्र भिंड में जाकर उनसे अपनी निकटता जगजाहिर की थी।

दूसरी विधायक रामबाई को भी इस सरकार से कोई दिक्कत नहीं है। वे कई बार मुख्यमंत्री कमलनाथ के पक्ष में बयान जारी कर चुकी हैं। वे तो मंत्री बनने के लिए भी प्रयासरत रही हैं। बसपा के प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम ने नईदुनिया को बताया कि मप्र को लेकर अब तक पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया है।