- रात 3 बजे के बाद खटलापुरा घाट से गायब होने लगे थे अधिकारी, पुलिस के जवान और कर्मचारी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

विसर्जन तो अच्छे से निपट गया। एक-दो मूर्तियां बची हैं, जो विसर्जित हो जाएंगी। अब कुछ होने वाला नहीं है। चलते हैं...इस तरह आपस में एक-दूसरे से बात करते हुए खटलापुरा घाट पर तैनात अधिकारी, पुलिस के जवान और अन्य कर्मचारी एक-एक करके निकल गए। जब नाव पलटी तब तक इक्का-दुक्का पुलिस के जवान बचे थे। ये भी मंदिर के बिल्कुल सामने टेंट में बैठे थे। इसी बीच नाव पलट गई, घटना के समय लोग चिल्लाए। लेकिन इस समय एक मूर्ति घाट पर पहुंच रही थी उसके साथ डीजे था। डीजे की आवाज से कुछ सुनाई नहीं दिया।

खटलापुरा घाट की यह स्थिति पुलिस के एक जवान ने नवदुनिया को नाम न छापने की शर्त पर बताई है। नवदुनिया की टीम ने अन्य लोगों से भी बातचीत की है। इसमें सामने आया है कि घटना के समय कोई इंतजाम नहीं थे। हालांकि गुरुवार दोपहर से ही घाट पर पुलिस, निगम और प्रशासन की चौक-चौबंद व्यवस्था थी। एनाउंसमेंट कर मूर्ति विसर्जन करने वालों को जरुरी समझाइश दी जा रही थी। गोताखोर भी सक्रिय थे। लेकिन जैसे ही मूर्तियां विसर्जित होती गईं, वैसे ही व्यवस्थाएं भी शिथिल हो गई। इसका नतीजा यह रहा कि नाव पलटने के बाद डूब रहे युवकों को बचाया नहीं जा सका।