भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

बजरिया इलाके में एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसने किन कारणों से ऐसा किया। उसका खुलासा नहीं हो पाया है। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है। उसने दो लाइन में लिखा है कि मेरा कोई भाई नहीं बन सकता है। इसमें किसी की गलती नहीं है। सब मेरी ही गलती है। हालांकि यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिरकार उससे क्या गलती हुई। मृतक का एक भाई भी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

बजरिया थाने के हवलदार जमुना प्रसाद के अनुसार द्वारका नगर बजरिया निवासी 32 वर्षीय रूपेंद्र उर्फ रिंकू प्राइवेट काम करता था। उसने सुबह तड़के अपने घर में फांसी लगा लगा ली। उसके भाई ने उसे फांसी पर लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पंचनामा बनाकर उसके शव को हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी भिजवाया और कमरे की तलाशी ली। वहां से कागज का टुकड़ा मिला, जिसमें जिसमें उक्त दो लाइन लिखी मिली। पुलिस पता कर रही है, जब रूपेंद्र का भाई है तो उसने सुसाइड नोट में ऐसा क्यों लिखा कि कोई उसका भाई नहीं बन सकता।

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सूदखोर कर रहा था परेशान, महिला ने लगाई फांसी

बजरिया इलाके में ही एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि उसने किसी से कर्ज ले रखा था और सूदखोर उसे प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बजरिया थाने के एएसआई आरएस पटवारे के अनुसार साईं बाबा मंदिर द्वारका नगर निवासी 31 वर्षीय ललिता बाई मजदूरी करती थी। उसका पति हल्के सिंह प्राइवेट काम करता है। महिला अपनी तीन बेटियों के साथ रहती थी। उसने रविवार शाम को कमरे में फांसी लगाकर जान दी। जांच अधिकारी आरएस पटवारे का कहना है कि लोगों ने बताया कि ललिता ने किसी से कर्जा ले रखा था। महिला को पढ़ना - लिखना नहीं आता था। परिजनों के बयानों के बाद पूरा मामला साफ होगा।