भोपाल (नप्र)। जहांगीराबाद स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से बाल अपराधी लकड़ी के पटिये से दीवार खोदकर भागे थे। उन्होंने कमरे में सामान रखने के लिए बनी अलमारी के पिछले हिस्से की दीवार को खोदकर वारदात को अंजाम दिया था। यह खुलासा बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षक मोनिका जाधव ने किया। फरार होने वाले आरोपी चोरी, ज्यादती, हत्या के प्रयास और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में बीते 6 माह से यहां सजा काट रहे थे। फरार बच्चों की उम्र 15 से लेकर 18 वर्ष तक की है।

अधीक्षक ने बताया कि रात करीब 9 बजे सभी बच्चे हॉल में टीवी देख रहे थे। इसी दौरान कमरा नंबर-1 के 7 बच्चे एक-एक कर गायब हो गए। जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उनकी तलाश में कमरे में पहुंचे तो वहां एक अलमारी के दरवाजे खुले हुए थे। उन्होंने जैसे ही अंदर झांका तो दीवार में छेद था।

सूचना मिलते ही सभी ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी, लेकिन देर रात तक किसी का पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि बच्चों ने पुलिसकर्मियों से नजर बचाकर एक लकड़ी चुरा ली थी। इसका उपयोग उन्होंने अलमारी के अंदर बनी दीवार को खोदने में किया। यहीं से सभी बाहर की बाउंड्रीबॉल फांदकर फरार हो गए। ये बच्चे 20 अन्य बच्चों के साथ यहां रहते थे।

पांच पुलिसकर्मी रहते हैं ड्यूटी पर

बाल संप्रेक्षण गृह में तकरीबन 60 बाल अपराधियों को रखने की व्यवस्था है। वर्तमान में 30 बच्चे यहां पर हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए 5 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके बाद भी बच्चे भागने में कामयाब रहे।

डेढ़ घंटे देरी से दी थी पुलिस को सूचना

बच्चे गुरुवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच फरार हो गए थे। भनक लगते ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी खुद ही बच्चों को तलाशने में जुट गए। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब बच्चों का पता नहीं चला तो जहांगीराबाद पुलिस को रात करीब 11:30 बजे इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद नाकेबंदी की, लेकिन किसी का पता नहीं चल पाया।

सिंगल ईंट की है दीवार

बच्चों को कपड़े और सामान रखने के लिए दीवार के बीच जगह निकालकर सिंगल ईट की अलमारी बनाई गई है। फरार बच्चे इसी दीवार को खोदकर भागने में कामयाब रहे।

6 माह पहले भी हुए थे फरार

बाल संप्रेक्षण गृह से बीते साल 23 जुलाई को भी 11 बच्चे फरार हुए थे। उन्होंने गार्ड की आंखों में मिर्ची झोंकने के बाद उसे कुर्सी से बांध दिया था। पुलिस ने बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बच्चों के भागने के बाद ही यहां पर सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए थे।

इनका कहना

बच्चों की तलाश में संबंधित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। बच्चों के फरार होने की सूचना देरी से मिलने के कारण पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाई। बीएस चौहान, टीआई, जहांगीराबाद

आयोग करेगा बाल संप्रक्षण गृह का दौरा

संप्रेक्षण गृह से बाल अपराधियों के फरार होने के मामले को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने बताया कि बीते साल 23 जुलाई को भी संप्रेक्षण गृह से 11 बच्चे फरार हुए थे। तब आयोग की टीम ने वहां कई खामियां देखी थीं।

इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग को संप्रेक्षण गृह की दीवार ऊंची करने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा था। इसके बाद भी घटना की पुनरावृत्ति हुई है। आयोग जल्द ही बाल संप्रेक्षण गृह का दौरा करेगा। इस बात की जांच की जाएगी कि आयोग की अनुसंशाओं पर कार्रवाई हुई या नहीं।