बाघों के संरक्षण के लिए कार्य करना मेरा लक्ष्यः सुयश केसरी

भोपाल(नरि)। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि टाइगर हमारे ईको सिस्टम को नियंत्रित करता है। बाघ हमारी बेशकीमती संपदा हैं, अपनी इस संपदा का प्रदेश की समृद्घि और यहां के लोगों के हित में उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश पर्यटन, वन और वन्य जीव के मामले में एक धनी प्रदेश है। इसके जरिए हम मध्यप्रदेश की एक बेहतर प्रोफाइल बना सकते हैं जो न केवल हमारे देश, बल्कि विदेशी पर्यटकों भी आकर्षित करेगा। सुयश का मात्र 23 साल की उम्र में यह प्रयास काफी सराहनीय है।

सीएम ने उक्त बातें सुयश केशरी की वाइल्ड लाइफ डाक्यूमेंट्री सफारी विथ सुयश के स्क्रीनिंग के मौके पर कहीं। मिंटो हॉल में शनिवार की रात आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सुयश को एक बेहतर सफारी फिल्म बनाने के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। कार्यक्रम में पर्यटन सचिव फैज अहमद किदवई ने आभार प्रदर्शन किया। इस मौके पर पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, मुख्य सचिव एसआर मोहंती समेत अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

वन्यजीव पयर्टन की नींव

स्क्रीनिंग प्रोग्राम को संबोधत करते हुए मप्र भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष और विश्व प्रकृति निधि के संरक्षक अंटोनी डिसा ने कहा कि वन्य जीव पयर्टन की नींव होते हैं, हमें नीव का संरक्षण करना है, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पर्यावरण एवं वनमंत्री रहते हुए प्रकृति संरक्षण और वन्य जीव पयर्टन की नींव रखी थी। छिंदवाड़ा के निकट पेंच राष्ट्रीय उद्यान आज देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है जो वन मंत्री रहते आपके प्रयासों से ही संभव हो सका।

Posted By: Nai Dunia News Network

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