भोपाल। प्रदेश के चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स की महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने का रास्ता अब साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने यहां अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ा दी है। इसे एक जनवरी 2019 से लागू किया गया है। प्रदेश में जून 2019 में इसकी घोषणा हो चुकी है लेकिन छत्तीसगढ़ की सहमति नहीं मिलने से मामला अटका हुआ था। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह वित्त विभाग डीआर में वृद्धि के आदेश जारी कर देगा।

वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स का डीआर बढ़ाने का फैसला सरकार ने कर लिया था। छत्तीसगढ़ की सहमति नहीं मिलने से आदेश जारी नहीं हो पा रहे थे।

अब छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को कर्मचारियों, अधिकारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत सातवें वेतनमान में तीन फीसदी बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यही दर मप्र सरकार ने भी लागू की है। सूत्रों का कहना है कि एक जनवरी से जुलाई तक बढ़े हुए डीआर का नकद भुगतान किया जाएगा। वहीं, अगस्त की पेंशन में तीन फीसदी डीआर जुड़कर 12 प्रतिशत मिलेगी। इसके लिए बजट में प्रावधान भी है।

छत्तीसगढ़ से सहमति का प्रावधान खत्म करें : जोशी

उधर, पेंशनर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेशदत्त जोशी का कहना है कि डीआर बढ़ाए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ की सहमति का प्रावधान समाप्त करने की दिशा में अब सरकार को कदम उठाना चाहिए। इसे लेकर कैबिनेट में सहमति भी बन चुकी है। दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए आपस में चर्चा करके निर्णय लिया जा सकता है।

तत्काल आदेश जारी करेंगे : भनोत

वित्त मंत्री तरुण भनोत का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया की वजह से पेंशनर्स की डीआर में वृद्धि के आदेश रुके हुए थे। अब जब छत्तीसगढ़ सरकार ने आदेश कर दिए हैं तो हम तत्काल आदेश जारी करेंगे। विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए हैं।

सवा दो सौ से दो हजार तक प्रतिमाह राहत

पेंशनर्स को अभी सातवें वेतनमान में नौ प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। इसमें तीन फीसदी की बढ़ोतरी के साथ यह बारह प्रतिशत हो जाएगी। इससे पेंशनर्स को प्रतिमाह सवा दो सौ रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक का लाभ होगा। छठा वेतनमान प्राप्त पेंशनर्स को 148 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। इसमें छह प्रतिशत की वृद्धि होगी। इस प्रकार इनका डीआर 154 प्रतिशत प्रतिमाह हो जाएगा। डीआर में बढ़ोतरी से सरकार के खजाने पर प्रतिमाह लगभग पचास करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आने की संभावना है।