-लापता पति के महीने भर बाद भी नहीं मिलने से हो गए थे हताश

भोपाल (नप्र)। लापता पति के नहीं मिलने से निराश बेबी बाई (55), सुनील (25) और संजय (22) ने अंतिम गुहार डीजीपी के सामने लगाते ही एक-एक करके जहर पी लिया था। यह तथ्य जहांगीराबाद पुलिस के अब तक की जांच में सामने आया है। पुलिस ने प्रारंभिक बयान लेने के बाद सोमवार देर रात दोबारा बयान लिए। उधर जहर का असर धीरे-धीरे कम होने से तीनों की हालत में पहले से काफी सुधार है।

जहांगीराबाद पुलिस के मुताबिक दीप सिंह अपनी मां बेबी बाई, भाई सुनील, संजय और 14 वर्षीय बहन को लेकर शनिवार को पुलिस मुख्यालय आया था। वह अपने पिता रामचरण के लापता होने की शिकायत लेकर आया था। वे पहले से ही पूरी तैयारी में थे। पुलिस को मौके से एक प्लास्टिक की बोतल मिली है। इसमें करीब 100 एमएल सफेद रंग का द्रव्य है। दीप ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि इसी को बेबी, सुनील और संजय ने एक-एक करके पिया था।

पुलिस ने बोतल और उसमें मिले द्रव्य को जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को एफएसएल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में ही पता चल सकेगा कि जो जहर तीनों ने पिया है वह वही है जो बोतल में है की नहीं। पुलिस के मुताबिक बोतल में मुश्किल से 300 एमएल ही द्रव्य आ सकता है। इसमें से 100 एमएल बोतल में मिलने से पीड़ितों के ज्यादा से ज्यादा 200 एमएल पीने की संभावना है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं उन्हें डराने के लिए तो जहर नहीं पिया। यह सच्चाई द्रव्य के पीने की मात्रा और उसके होने वाले असर की पूरी जांच होने पर ही सामने आ पाएगा। उधर हमीदिया के आईसीयू में भर्ती बेबी, सुनील और संजय के स्वस्थ्य में लगातार सुधार है। उपचार कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक तीनों के शरीर से जहर का असर समाप्त हो रहा है। जल्द ही उन्हें आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी

घटना के बाद जहांगीराबाद पुलिस ने दीप सिंह के प्रारंभिक बयान लिए थे, लेकिन जहर पीने वालों के बयान नहीं हो पाए थे। जहांगीराबाद पुलिस के एक अधिकारी को सोमवार रात तीनों के बयान लेने के लिए अस्पताल भेजा गया है। उनके पूरे बयान होने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस आत्महत्या की कोशिश करने का मामला दर्ज करने की तैयारी में है।

केस डायरी के साथ सीआईडी एडीजी ने आईजी, डीआईजी सहित एसपी को बुलाया

-नजीराबाद मामले में पीएचक्यू के निर्देश पर सीआईडी कर रही है जांच

भोपाल। पुलिस मुख्यालय में महिला के अपने दो बेटों के साथ कीटनाशक पीने के मामले की केस डायरी लेकर सीआईडी एडीजी ने सोमवार को आईजी भोपाल, डीआईजी और एसपी देहात को बुलाया। पीएचक्यू के निर्देश पर सीआईडी अपनी अलग से जांच कर रही है, जबकि डीआईजी खुद मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

घटना के तीन दिन बाद भी न तो रामचरण का कुछ पता चल सका है और न ही पुलिस ने अब तक किसी की गिरफ्तारी ही की है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम करीब साढ़े 4 बजे आईजी भोपाल योगेश चौधरी, डीआईजी डी श्रीनिवास वर्मा और एसपी देहात अमोंग्ला अय्यर को सीआईडी एडीजी ने ऑफिस में बुलाया था। उनसे एडीजी ने नीजराबाद से लापता रामचरण विश्वकर्मा के गुम होने से लेकर उनकी पत्नी बेबी, संजय और सुनील के पीएचक्यू में कीटनशनक पीने से लेकर सोमवार तक की कार्रवाई की रिपोर्ट ली।

अधिकारियों ने गुमशुदगी से लेकर अब तक रामचरण की खोजबीन के लिए किए गए प्रयासों का पूरा ब्यौरा दिया। काफी देर तक बंद कमरे में हुई बातचीत के बाद सभी अधिकारी वहां से आ गए। हालांकि इस संबंध में कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ बेबी और उसके दोनों बेटों के जहर पीने के तीन बाद भी पुलिस की जांच जस की तस है। अब तक पुलिस न तो रामचरण का पता लगा पाई है और न ही किसी की भी इस मामले में गिरफ्तारी की गई है।

गृहमंत्री के निर्देश के पालन में इस मामले को जांच में लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया था। समीक्षा के बाद उन्हें जांच में नए बिंदुओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजीव टंडन, एडीजी, सीआईडी