भोपाल ( नवदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश की बेटी भावना ने स्वतंत्रता दिवस पर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा लहराकर देश की आजादी का जश्न मनाया।

15 अगस्त के दिन जब पूरा भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था तब भावना ने विदेशी धरती (रूस) पर भारत का तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया है। एवरेस्ट विजेता भावना समुद्र तल से 5642 मीटर (18510 फीट) की ऊंचाई वाली यूरोप की इस चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचीं। माउंट एल्ब्रुस चोटी रूस-जार्जिया बार्डर पर स्थित है। वर्तमान में भोपाल निवासी 30 साल की भावना डेहरिया छिंदवाड़ा जिले के गांव तामिया की रहने वाली हैं। वे 15 महीने की बेटी की मां हैं। बेटी के जन्म के बाद यह भावना का पहला पर्वतारोहण अभियान था।

भावना इससे पूर्व 22 मई 2019 को माउंट एवरेस्ट के शिखर पर फतेह हासिल करने वाली मध्यप्रदेश की प्रथम महिलाओं में से एक है। उन्होंने वर्ष 2019 में दीपावली के दिन अफ्रीका महाद्वीप के माउंट किलिमंजारो और होली के दिन आस्ट्रेलिया महाद्वीप का माउंट कोजीअस्को के सबसे ऊंचे शिखर पर फतह हासिल कर भारत का परचम दुनिया में लहराया था। पर्वतारोहण के क्षेत्र में गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर भावना सेवन समिट मिशन के तहत सातो महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा लहराएंगी।

ऐसा रहा साहस भरा सफर: भावना ने बताया यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने के लिए उनकी टीम 10 अगस्त को रूस की राजधानी मास्को से मिनरलनी वोडी शहर पहुंची। 11 अगस्त को जलवायु-अनुकूलन रोटेशन के दौरान 2346 मीटर ऊंचाई तक गईं, जिसमें नाक से खून का रिसाव हुआ। 12 अगस्त को अपने दल के साथ 3888 मीटर की ऊंचाई पर अपना बेस कैंप बनाया और अगले दो दिन 4500 मीटर तक रोटेशन किए। यह रोटेशन शरीर को पर्वत के ऊपर होने वायु दबाव के परिवर्तन और एक्यूट माउंटेन सिकनेस से बचाव के लिए जरुरी होता है। 14 अगस्त की रात 12 बजे अपने दल के साथ माउंट एल्ब्रुस चोटी के लिए निकल पड़े। 15 अगस्त को सुबह करीब 5:30 बजे पश्चिमी माउंट एल्ब्रुस जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 5642 मीटर (18510 फीट) है की चोटी पर समिट कर भावना ने तिरंगा लहराया। भावना बताती हैं कि ये सब बेहद मुश्किल और शरीर को थका देने वाला था। शिखर के नजदीक मौसम बहुत खराब हो गया था। बर्फबारी और 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्त्तार से चलने वाली तेज बर्फीली हवा के कारण दृश्यता बहुत कम हो गई थी। तापमान तेजी से गिर कर -25 डिग्री तक पहुंच गया था। हालांकि मां बनने के बाद माउंट एल्ब्रुस जाने से पहले तामिया के पर्वतीय क्षेत्र में भरपूर ट्रेनिंग की थी, जिससे रिकार्ड समय पर सम्मिट कर पाई। इस अभियान में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्टेट बैंक आफ इंडिया ने सहयोग किया था।

Posted By: Lalit Katariya

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