भोपाल। केन-बेतवा परियोजना पन्ना से उत्तर प्रदेश को पानी देने का विवाद सुलझ नहीं पा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार रबी सीजन के लिए परियोजना से 900 एमसीएम पानी की मांग कर रही है, जबकि समझौता 700 एमसीएम पानी देने का हुआ था। इसे देखते हुए मप्र सरकार ने उत्तर प्रदेश से रबी सीजन में खर्च होने वाले पानी का प्लान मांगा है। साथ ही पानी के स्टोरेज की तैयारी भी पूछी है।

उत्तर प्रदेश सरकार को यह प्लान अगले 20 दिन में देना है। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक करेंगे, जिसमें बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। परियोजना का अभी काम भी शुरू नहीं हुआ है और पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच जंग छिड़ी हुई है।

इस मामले में समझौते के प्रयास प्रधानमंत्री कार्यालय से भी हो चुके हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। दरअसल, परियोजना निर्माण के चलते हुए समझौते के समय उत्तर प्रदेश सरकार ने 700 एमसीएम पानी की मांग की थी, जो बाद में बढ़ा दी गई। जबकि मप्र सरकार उतना ही पानी देने को तैयार है, जो तय हुआ था। इसे लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। मार्च में केंद्रीय जल संसाधन विभाग के अधिकारी भोपाल आए थे।

तब इस मसले पर बैठक हुई थी। इस बैठक में पानी के बंटवारे को लेकर उत्तर प्रदेश का नया प्रस्ताव सामने आया। उप्र प्रदेश के अफसरों ने 930 एमसीएम पानी की मांग रखी थी। इस पर मप्र के अफसरों ने आपत्ति दर्ज कराई तो प्रस्ताव में संशोधन कर इसे 900 एमसीएम कर दिया गया था। मप्र के अफसर इसके लिए भी तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो समझौते के वक्त तय हुआ था। उसी हिसाब से पानी दिया जाना चाहिए।

हालांकि केंद्र सरकार के दबाव के चलते मप्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से पानी स्टोरेज और रबी सीजन में खर्च होने वाले पानी का प्लान मांगा है। ताकि मप्र को स्पष्ट तौर पर पता चल सके कि उत्तर प्रदेश को वास्तव में कितने पानी की जरूरत है। उत्तर प्रदेश सरकार को सितंबर के पहले हफ्ते में यह प्लान सौंपना होगा।

कमेटी कर चुकी है मुआयना

परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी 27 से 30 मार्च तक पन्ना नेशनल पार्क और उससे सटे डैम के हिस्से का निरीक्षण कर चुकी है। कमेटी ने परियोजना की तैयारियों और डैम से पर्यावरण को होने वाले नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। इस आधार पर परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी मिलेगी।

पानी की जरुरत का प्लान मांगा

दोनों राज्यों के बीच पानी बंटवारे को लेकर बैठकों को दौर चल रहा है। हमने उप्र सरकार से पानी के स्टोरेज की क्षमता और रबी सीजन में लगने वाले पानी की जरूरत पर प्लान मांगा है।

- एम. गोपाल रेड्डी, अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग

Posted By: Hemant Upadhyay