MP Assembly by elections भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाले 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव का प्रचार थमने से 48 घंटे पहले शुक्रवार शाम को कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया। भाजपा ने कमल नाथ के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कमल नाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। उपचुनाव के बीच आयोग ने इस तरह का पहला बड़ा कदम उठाया है।

हिदायत के बाद भी नहीं माने कमल नाथ

चुनाव आयोग के सचिव अरविंद आनंद ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा कि कमल नाथ ने जब महिला एवं बाल विकास मंत्री व डबरा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को लेकर असम्मानजनक शब्दों का उपयोग किया था, तब उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। 22 अक्टूबर को उनके द्वारा दिया जवाब संतोषजनक नहीं रहा। इसके बाद उन्हें हिदायत भी दी गई पर वे लगातार आचार संहिता का उल्लंघन करते रहे। उन्होंने जनसभाओं में इस तरह के शब्दों का उपयोग किया, जो इसका उल्लंघन करते हैं।

आयोग ने किया था स्पष्ट

निजी जिंदगी के बारे में नहीं करें कोई बात गौरतलब है कि आयोग द्वारा पहले ही राजनीतिक दलों को स्पष्ट किया जा चुका है कि प्रचार के दौरान आपसी तनाव बढ़ाने या निजी जिंदगी के बारे में कोई बात नहीं की जाना चाहिए। मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भी जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें आचार संहिता के उल्लंघन की बात कही गई थी। आयोग ने कमल नाथ द्वारा लगातार आचार संहिता का उल्लंघन करने पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह नैतिक रूप से गलत है, इसलिए तत्काल प्रभाव से उपचुनाव के लिए उनका स्टार प्रचारक का दर्जा समाप्त किया जाता है।

इस वजह से आयोग ने उठाया कदम

इमरती देवी के खिलाफ जनसभा में अपशब्द का उपयोग किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए कहा कि शिवराज नौटंकी के कलाकार, मुंबई जाकर एक्टिंग करें। उन्होंने यह भी कहा कि आपके भगवान (शिवराज) तो वो माफिया है, जिससे आपने मध्य प्रदेश की पहचान बनाई। आपके भगवान तो मिलावटखोर हैं।

यह होता है स्टार प्रचारक

राजनीतिक दल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1971 के तहत चुनाव के लिए स्टार प्रचारक घोषित करते हैं। सामान्यतः दल ऐसे नेताओं को इसमें शामिल करते हैं, जो मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को दी जाती है। कमल नाथ का नाम कांग्रेस के 30 स्टार प्रचारकों की सूची में तीसरे नंबर पर था।

स्टार प्रचारक नहीं रहने से यह फर्क

स्टार प्रचारक के आने-जाने, ठहरने और सभा का खर्च पार्टी के खर्च में जुड़ता है। इससे प्रत्याशी के खर्च की जो अधिकतम सीमा है, वह प्रभावित नहीं होती है। कोरोना काल में मास्क, सैनिटाइजर आदि के अतिरिक्त खर्च को देखते हुए चुनाव आयोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने एक प्रत्याशी के अधिकतम खर्च की सीमा 2.80 लाख रुपये बढ़ाकर 30.80 लाख रुपये की है।

स्टार प्रचारकों की सूची में तीसरे नंबर पर था नाम

राजनीतिक दल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1971 के तहत चुनाव के लिए स्टार प्रचारक घोषित करते हैं। सामान्यतः दल ऐसे नेताओं को इसमें शामिल करते हैं, जो मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को दी जाती है। कमल नाथ का नाम कांग्रेस के 30 स्टार प्रचारकों की सूची में तीसरे नंबर पर था।

यह मेरी आवाज को दबाने का प्रयास है। कांग्रेस की आवाज को कुचलने की कोशिश है। सत्य को परेशान किया

चुन्नू-मुन्नू पर कैलाश विजयवर्गीय को हिदायत

चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को हिदायत दी है। आयोग ने विजयवर्गीय के उस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन माना है, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह के लिए चुन्नू-मुन्नू शब्द का उपयोग किया था। आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान वे जनता के बीच इस तरह के शब्दों का उपयोग नहीं करें।

इनका कहना है

हम आभारी हैं भारत निर्वाचन आयोग के, जिसने हमारे नेता कमल नाथ की नागरिकता नहीं छीनी। चुनाव प्रचार की समाप्ति के 48 घंटे पहले यह 'निष्पक्षता' किसे लाभ पहुंचाने के लिए है? अब तो तय है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे।

- केके मिश्रा, उपचुनाव के मीडिया प्रभारी, कांग्रेस

कमल नाथ अहंकार में चूर थे। महिलाओं, मतदाताओं और प्रदेश की जनता का अपमान कर रहे थे। उनसे अपेक्षा तो नियम का ज्यादा पालन करने की थी, क्योंकि वे सबसे ज्यादा संसदीय अनुभव रखने वाले नेता हैं पर वे ऐसा कर नहीं सके। चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदम के लिए जिम्मेदार खुद कमल नाथ हैं।

रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, प्रदेश भाजपा

वहीं कमल नाथ ने इस पर ट्वीट कर कहा है कि अब जनता फैसला करेगी। उन्‍होंने कहा कि यह कांग्रेस की आवाज को कुचलने का प्रयास है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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