भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। हाईस्कूल में 96.7 फीसद अंक लाने वाली जबलपुर की मान्या साहू ने जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बताया कि वे एयरो स्पेस इंजीनियर बनना चाहती हैं तो मुख्यमंत्री ने एकलव्य की कहानी सुनाते हुए चित्त एकाग्र करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो लक्ष्य तय किया है, उस पर डटे रहने वाले जरूर सफल होते हैं। हायर सेकंडरी और हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री बच्चों की नब्ज टटोलकर यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि बच्चों खुश तो हैं।

दरअसल, मूल्यांकन के आधार पर परिणाम जारी करने के निर्णय के समय ऐसी बात सामने आ रही थी कि बच्चे इससे खुश नहीं होंगे। तब सरकार ने अंक सुधारने का विकल्प भी दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थिति देखकर अन्य कक्षाएं खोलने का निर्णय लेंगे। फिलहाल नौवीं-10वीं की कक्षाएं पांच अगस्त से खोली जाएंगी, जो हफ्ते में दो-दो दिन लगेंगी। मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, उनके अभिभावक और शिक्षकों से जुड़े।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन बच्चों से बात की और उनके सपने पूरा करने में सहयोग देने का वादा किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि भविष्य की चिंता मत करो, बस परिश्रम करो क्योंकि परिश्रम ही सफलता की सीढ़ी है। उन्होंने बच्चों से कहा कि एकाग्र होकर पढ़ें, इससे चीजें दिमाग में बैठती हैं। जैसा कहें, वैसा ही करें। इससे चरित्र का निर्माण होता है। जीवन में गलत संगति और अनियमितता से बचें।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को खेलकूद का समय दें पर क्रियाकलापों पर नजर भी रखें। बच्चे एकांगी महसूस न करें। स्मार्ट फोन पर खेलने से शरीर नहीं बनता है। खेलें-कूदें, व्यायाम-योग करें, जो शरीर को बल देता है। मुख्यमंत्री ने 'बच्चे मन के सच्चे, सारे जग के राजदुलारे" गाने के बोल सुनाकर कहा कि बच्चों से बात करता हूं तो मुझे अपना बचपन और दोस्त याद आ जाते हैं। उन्होंने अपने गुरू (शिक्षक) रतनचंद जैन और कहानीकार मुंशी प्रेमचंद एवं क्रांतिकारी उधम सिंह को याद किया। चौहान ने दमोह के प्रशांत, विदिशा की आस्था, रायसेन के मोहित और भोपाल की श्रुतिकला सहित अन्य बच्चों से बात की।

टॉपटेन में आना है...

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मध्य प्रदेश अक्षरश: पालन करेगा। वहीं नेशनल अचीवमेंट सर्वे को लेकर शिक्षकों से कहा कि हमें टॉप टेन में स्थान बनाना है। पिछले सालों में हम काफी पीछे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़ाई और कैरियर को लेकर चिंता न करें। हम साथ हैं।

कार्तिकेय-कुणााल के कान में गायत्री मंत्र फूंका

बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्तिकेय और कुणाल का जन्म हुआ, तब गोद में लेकर मैंने सबसे पहले उनके कान में गायत्री मंत्र फूंका। मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए दोनों बच्चों को गीता के 18 अध्याय पढ़ाए। इसलिए यह कहना गलत है कि समय नहीं मिलता।

इसलिए एकसाथ सभी कक्षाएं शुरू नहीं कीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना नियंत्रण में है लेकिन खतरा टला नहीं है। इसलिए हमने एक साथ सभी कक्षाएं नहीं खोलीं। अब परिस्थिति देखकर निर्णय लेंगे, पर हमें लापरवाही नहीं बरतनी है। शारीरिक दूरी, मास्क लगाने सहित सभी नियमों का गंभीरता से पालन करना है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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