MP Cyber Crime: बृजेंद्र ऋषीश्वर, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों नए तरीके की आनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आ रही हैं। शातिर ठग लोगों के फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार कर रहे हैं और एईपीएफ (आधार सक्षम भुगतान सेवा) के माध्यम से रुपये निकाल रहे हैं। ऐसी आनलाइन धोखाधड़ी से अनजान लोग अपना बचाव भी नहीं कर पा रहे हैं। पिछले एक माह में ठगी के ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं। साइबर क्राइम पुलिस इनकी जांच में जुट गई है और लोगों को इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है।

आधार कार्ड में उपयोग होने वाले फिंगर प्रिंट के जरिए ठगी

पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच अमित कुमान ने बताया कि एईपीएफ के माध्यम से होने वाली ठगी में पीड़ित के पास न तो कोई ओटीपी आया और न किसी प्रकार की लिंक भेजी गई, लेकिन खाते से रुपये निकल गए। हालांकि इस प्रकार की तकनीकी ठगी पांच से लेकर 25 हजार रुपये तक की है। राशि कम होने के कारण शुरुआत में लोगों ने शिकायत नहीं की, लेकिन अब तक तीन शिकायत सामने आने के बाद साइबर क्राइम की टीम जांच में जुट गई है। इन मामलों में आधार कार्ड में उपयोग होने वाले फिंगरप्रिंट का उपयोग कर रकम निकाली गई है। इसके लिए फिंगरप्रिंट का क्लोन बनाकर ठगी की गई है।

आनलाइन निकाल रहे जानकारी

साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि एईपीएफ से वारदात करने के लिए बदमाश आनलाइन जानकारी चुरा रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग पीड़ित को लोन देने के संबंध में घर पहुंचे और उनके अंगूठे का निशान लेकर यह वारदात की है। लोगों ने अपने दस्तावेज अलग-अलग वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं। इन्ही दस्तावेजों से मिले अंगूठे के निशान का क्लोन तैयार किया गया है।

बचने के लिए जारी की एडवाइजरी

साइबर अपराध शाखा भोपाल ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि ऐसी ठगी से बचने के लिए बायोमीट्रिक सर्विस बंद कर सकते हैं। इसे जरूरत पड़ने पर कभी भी चालू किया जा सकता है।

Posted By: Prashant Pandey

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