MP Election: भोपाल। सुप्रीम कोर्ट में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की तस्वीर भले ही साफ नहीं हुई हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। निकाय चुनाव के लिए प्रभारी तैनात कर दिए गए हैं। पार्टी ने कहा है कि सभी प्रभारी अपने-अपने प्रभार के जिलों में जाएं और तीन दिन वहीं रहकर कार्यकर्ताओं से लेकर मतदाताओं की नब्ज टटोलें। प्रभारियों को अध्यक्ष या महापौर के टिकट के दावेदारों का भी पता लगाने के लिए कहा गया है। 18 से 21 मई तक वे प्रभार के जिलों में रहेंगे और लौटकर पार्टी को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके आधार पर आगे की रणनीति बनेगी। पार्टी नेताओं के मुताबिक पहले चरण में संगठन ने प्रभारियों से निकायवार मतदाताओं का आंकड़ा भी बुलवाया है।

इसमें उन्हें वर्गवार संख्या भी जुटाना है ताकि यह तय किया जा सके कि कहां ओबीसी मतदाताओं की संख्या अधिक है, उस हिसाब से पार्टी उसे ओबीसी के लिए आरक्षित करेगी। इसके साथ ही टिकट के दावेदारों का ब्योरा भी प्रभारियों को जुटाना है। कांग्रेस की स्थिति का आकलन कर उनके संभवित दावेदारों के बारे में भी प्रभारी जानकारी जुटाएंगे। नगरीय निकाय चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि प्रभारियों द्वारा मैदानी स्थितियों का आकलन किया जा रहा है। वे लौटेंगे तो संगठन के साथ फिर चर्चा होगी।

कांग्रेस सर्वे के आधार पर तय करेगी पार्षद पद के लिए प्रत्याशी

भोपाल। प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने प्रदेश कांग्रेस सर्वे के आधार पर पार्षद पद के लिए प्रत्याशी तय करेगी। प्रत्याशी का चयन जिला स्तर पर होगा। इसके लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष की अध्यक्षता में मंगलवार को चयन समिति का गठन कर दिया। इसमें सेवा दल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआइ, सांसद, लोकसभा चुनाव 2019 के प्रत्याशी, जिले के विधायक और 2018 के चुनाव के प्रत्याशी को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा प्रदेश संगठन भी प्रभारी और सह प्रभारी मनोनीत कर रहा है। प्रत्याशी का चयन सहमति के आधार पर कर सूची प्रदेश कांग्रेस को भेजी जाएगी। संगठन के प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तय कर दी है।

पार्षद पद के लिए प्रत्याशी का चयन जिला स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए समिति गठित कर दी है। प्रत्येक जिले के लिए प्रभारी, सह प्रभारी और समन्वयक को प्रदेश कांग्रेस द्वारा मनोनीत किया जाएगा। समिति चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों के नाम पर स्थानीय स्तर पर लोगों से चर्चा करेगी। जो नाम सामने आएंगे, उसको लेकर समिति अपने स्तर पर सर्वे कराकर प्रत्याशी के नाम पर विचार करके निर्णय लेगी। किसी भी सीट के लिए पैनल नहीं बनाया जाएगा।

अब बसपा ने की ओबीसी को 52% टिकट देने की घोषणा

भोपाल। पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के बिना कराए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजनीतिक दलों में इस वर्ग के प्रत्याशियों को अधिक से अधिक टिकट देने की होड़ मची हुई है। कांग्रेस ने ओबीसी को जहां 27 प्रतिशत तो भाजपा ने 30 प्रतिशत टिकट का ऐलान कर दिया है। अब बसपा ने एक कदम आगे बढ़कर 52 प्रतिशत टिकट ओबीसी प्रत्याशियों को देने की घोषणा की है। मध्य प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ओबीसी की आबादी 56 प्रतिशत है जबकि मतदाता 48 प्रतिशत हैं। इस आधार पर ओबीसी को 35 प्रतिशत आरक्षण देने की अनुशंसा राज्य सरकार से की गई है। कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

Posted By: Prashant Pandey

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