MP Electricity News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बिजली कंपनियों के प्रस्तावित निजीकरण समेत अन्य समस्याओं को लेकर पहले बिजली कंपनी में कार्यरत अभियंता नाराज है और मोर्चा खोले हुए हैं। इस बीच बिजली कंपनियों ने प्रमुख पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नियुक्‍त कर नाराजगी और बढ़ा दी है। आने वाले समय में विरोध बढ़ना तय है। सरकार के निर्देश पर बिजली कंपनी ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बिजली कंपनी में ऐसे वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति देना शुरू किया है, जहां अब तक के इतिहास में बिजली कंपनी के ही अनुभवी इंजीनियरों को जिम्मेदारी दी जाती रही थी। बिजली कंपनी और सरकार के इस कदम से दर्जनों वरिष्ठ बिजली अभियंताओं को चिंता होने हुई है। इसके बाद बिजली अभियंता संघ ने 14 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक पत्र लिखा है। जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने पर गंभीर आपत्ति जताई हैं और अधिकारियों को वापस अपने विभागों में भेजने की मांग की है।

बिजली अभियंता संघ मप्र के महासचिव वीकेएस परिहार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि मुख्य महाप्रंधक प्रशासन जैसे पदों पर राज्य प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। अभियंता पूरा जीवन बिजली कंपनियों में दे चुके हैं। उन्हें मैदानी हकीकत पता होती है। कंपनी के लाभ और नुकसान को समझते हैं। बिजली कंपनी के संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी ज्ञान होता है और सालों का अनुभव भी रहता है जो कि बिजली कंपनी के संचालन और आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी होता है। ऐसे अधिकारियों की अनदेखी करने से कंपनी को नुकसान होगा। इसकी भरपाई उपभोक्ताओं को अलग-अलग रूपों में करनी पड़ेगी।

अभियंता संघ के प्रतिनिधियों की तरफ से पत्र में यह भी लिखा है कि सरकार और बिजली कंपनी की इस नई व्यवस्था के कारण वरिष्ठता प्राप्त कर चुके अभियंताओं में कुंठा पनपेगी, काम करने का मनोबल गिरेगा। यहां तक लिखा है कि राज्य प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति के कारण भ्रष्टाचार बढ़ेगा। पत्र में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक अधिकारी का उदाहरण भी दिया है, जो कि राज्य प्रशासनिक सेवा के हैं। यह भी कहा है कि ऐसे अधिकारी जबरन विभागीय अमले को कारण बताओ नोटिस देकर परेशान करते हैं। भय का माहौल पैदा करते हैं। अभियंता संघ ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बिजली कंपनी से हटाने की मांग की है।

Posted By: Ravindra Soni

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