MP Health and Wellness Center: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश के 288 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आयुष विभाग खान-पान को लेकर लोगों को जानकारी देने का अभियान चला रहा है। इसके पीछे मंशा यह है कि खाद्य सामग्री को औषधि की तरह लिया जाए तो रोग दूर रहेंगे। इसके लिए सभी सेंटर को हर मौसम की प्रकृति और उसके अनुरूप खाई जानी वाली सामग्री का विवरण दिया गया है। सेंटर से यह जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न् प्रचार माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयुष विभाग औषधीय पौधों को घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम में भी जुटा है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पौधों का निशुल्‍क वितरण भी किया जा रहा है। आयुष विभाग के अधिकारियों को भी घरों में औषधीय पौधे लगाने को कहा है।

अधिकारियों का कहना है कि अब औषधीय पौधों के साथ भोजन को भी औषधि के तौर पर लेने का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मौसम के अनुसार भोजन की श्रेणी बनाई गई है। लोगों को इस संबंध में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के अलावा औषधालयों से भी जानकारी मिल सकती है। मालूम हो, आयुर्वेद के अनुसार ऋ तुओं के शरीर पर प्रभाव के आधार पर दिनचर्या में बदलाव लाना चाहिए। यह ऋ तुओं के परिवर्तन में स्वस्थ रहने में सहायक होता है।

किस मौसम के लिए क्या उपाय

गर्मी

- कम से कम दस गिलास तरल पदार्थ (नारियल पानी, छाछ आदि शामिल) पीएं।

- मसालेदार भोजन से बचें। फल, सलाद आदि लें।

- सूर्य की किरणों से बचें।

- धूमपान करने से शरीर की गर्मी से अनुकूलन करने की क्षमता कम हो जाती है। धूमपान छोड़ें।

- दोपहर के भोजन में चावल या रोटी के साथ दाल या पतली ग्रेवी का उपयोग करें। भोजन के अंत में छाछ, दही या फलों का रस पीएं। रात के भोजन में पर्याप्त प्याज, पुदीना और धनिया पत्ते की चटनी में नींबू का रस मिलाकर उपयोग करें

मानसून

- बारिश में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। साधारण आहार लें।

- दिन में सोने से बचें।

सर्दी

- दूध, नवीन अन्न्, हरी सब्जियां और मौसमी फल लें।

- सरसों के तेल से मालिश करें।

बसंत ऋतु

- आसानी से पचने योग्य भोजन लें। पानी मिला शहद, चंदन मिलाकर उबाला हुआ पानी, आम का रस, जौ-चना आदि का प्रयोग करें। तैलीय, वसायुक्त और खट्टे भोजन का त्याग करें।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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