अंजली राय, भोपाल। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन करने वाले कालेज अपने खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए अधिक फीस वसूल रहे थे। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने इस सत्र से फीस दो से तीन गुना करने का प्रस्ताव भी भेजा था। लेकिन कालेजों की बैलेस शीट से उनकी पोल खुल गई। इसके बाद फीस विनियामक समिति ने प्रस्तावों से आधी से एक तिहाई फीस ही मंजूर की। यह पहले वसूली जा रही फीस से भी कम है। ऐसे में महंगाई के दौर मे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को फायदा होगा। समिति ने प्रदेश के लगभग 1200 कालेजों की आगामी तीन सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की फीस निर्धारित की है।

सबसे पहले फीस कमेटी ने उच्च शिक्षा विभाग के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय की है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग के कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कालेजों ने नई फीस बढ़वाकर निर्धारित कराने के लिए अपनी बैलेंस शीट में काफी खर्चे बताए थे। इसमें कई ऐसे खर्च थे, जिनका संबंध पढ़ाई या कालेज संचालन के खर्चों से नहीं था। कमेटी ने यह गड़बड़ी पकड़ी और प्रस्ताव में मांगी गई बढ़ोत्तरी नामंजूर करते हुए प्रस्ताव से 60 से 70 प्रतिशत कम फीस तय की।

इस कटौती के बाद विद्यार्थी इस सत्र से 20 हजार में बीएएलएलबी (पांच वर्षीय) और 12 हजार रुपये सालाना फीस में एलएलबी का कोर्स कर सकते हैं। इससे पहले एलएलबी (तीन वर्षीय)की फीस 15 हजार सालाना और बीएएलएलबी की 25 हजार रुपये थी। बता दें, कि अभी फीस समिति ने तकनीकी कालेजों के फीस का निर्धारण नहीं किया है।

बीएएलएलबी की फीस 72 हजार करने का भेजा था प्रस्ताव

कालेजों ने बीएएलएलबी में 72 हजार और बीएड में 32 हजार रुपये सालाना फीस मांगी थी। इसमें कटौती कर 20-20 हजार रुपये सालाना निर्धारित किया गया है। वर्तमान में ला के कोर्स में विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है, इसलिए कालेजों ने एलएलबी के लिए 64 हजार रुपये की फीस मांगी थी, जिसे केवल 12 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। विद्यार्थी बीए बीएड 20 हजार रुपये में कर सकते हैं। हालांकि कालेजों ने भी बीएबीएड के लिए इतनी ही फीस का प्रस्तव दिया था, जिसे कमेटी ने यथावत रखा है।

इंजीनियरिंग कालेजों की फीस का प्रस्ताव आया है

उच्च शिक्षा विभाग के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस निर्धारित करने के बाद कमेटी ने तकनीकी शिक्षा विभाग के कालेजों की फीस निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। इसमें कमेटी एमबीए, बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, पालीटेक्निक और अन्य कोर्स की फीस निर्धारित करेगी।

विद्यार्थियों के हित में कालेजों के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग के कालेजों की फीस का निर्धारण उनकी बैलेंस शीट में बताए गए खर्चें के निरीक्षण के आधार पर किया गया है। अभी तकनीकी कालेजों के पाठ्यक्रमों की फीस तय की जा रही है।

- डीए हिंडोलिया, सचिव, प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति

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