भोपाल। प्रदेश के उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सत्ता से दूर होने के बाद अपनी मर्यादित भाषा को छोड़ दिया है। मंत्री पटवारी ने उनकी बयानबाजी की तुलना पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की हनी ट्रैप की आरोपित श्वेता जैन के साथ संवाद से की। पटवारी ने कहा कि शर्मा को शिवराज सिंह चौहान की पत्नी राखी बांधती थी और उन्हें ही नशे की हालत में पूर्व मंत्री शर्मा भ्रष्ट महिला बता रहे हैं। मंत्री पटवारी ने शिवराज के मौजूदा बयान और पूर्व मंत्री के वायरल वीडियो के वक्तव्य में एकरूपता बताई।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को पटवारी ने पत्रकारवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने किसानों के हितों को रखते हुए शिवराज को पत्र भी लिखा है। पत्रकारवार्ता में पटवारी ने 'चौहान द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को धमकी देते हुए कि जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से नहीं डरे तो कमलनाथ किस खेत की मूली है" वाले बयान पर पलटवार करते हुए जमकर हमला किया।

पटवारी ने कहा कि साल भर से जब से वे सत्ता से दूर हुए हैं, तब से उनकी भाषा बदल गई है। जिस तरह की वे भाषा का अभी इस्तेमाल कर रहे हैं, वह मुख्यमंत्री रहते हुए नहीं की। मंत्री पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को उनकी पार्टी में कोई अपना नेता मानने को तैयार नहीं है। इस कारण वे अंतर्द्वंद्व के दौर से गुजर रहे हैं।

शिवराज के बंगले के सामने धरने की चेतावनी

पटवारी ने कहा कि जब शिवराज मुख्यमंत्री थे, तब यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ आंदोलन किया था। कोयला यात्रा निकाली थी। अब जब केंद्र सरकार न तो मध्यप्रदेश के हिस्से की करों की राशि दे रही है, न अतिवृष्टि में राहत पैकेज और न ही मांग के मुताबिक यूरिया की सप्लाई कर रही है, तब शिवराज सिंह चौहान यहां गिरफ्तारी दे रहे हैं।

प्रदेश की जनता ने भाजपा के 28 सांसदों को लोकसभा भेजा है, जिन्हें राज्य के हितों को केंद्र सरकार के सामने रखना चाहिए। वहीं शिवराज सिंह चौहान व सांसदों को अपनी केंद्र सरकार से बात करना चाहिए, इसमें कांग्रेस भी साथ देगी। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि शिवराज सिंह प्रदेश के हितों को केंद्र सरकार के सामने नहीं रखेंगे तो वे उनके निवास के सामने धरना देंगे।

राजनीति से ऊपर उठकर सोचें

मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री कमलनाथ का झूठा पानी पीना चाहिए, जिससे प्रदेश के हितों के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सोच सकें। कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री होने के नाते मप्र में कांग्रेस सरकार नहीं होने के बाद भी शहरी विकास मंत्री, ऊर्जा मंत्री व कई अन्य मंत्रालयों के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कभी भी प्रदेश के हितों को लेकर राजनीति को आड़े नहीं आने दिया।

पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में केंद्र सरकार द्वारा मप्र सरकार के साथ बरते जा रहे भेदभाव को लेकर कई विषयों को उठाया है। यूरिया आवंटन में प्रदेश की मांग के विपरीत कम खाद उपलब्ध कराए जाने के आंकड़े भी पत्र में गिनाए हैं।

Posted By: Sandeep Chourey