भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं के संचालन में भोपाल पिछड़ गया है। राजधानी होने के बावजूद गुणवत्तापरक शिक्षा के क्षेत्र में दमोह, सिंगरौली, सागर, नरसिंहपुर, सागर और छिंदवाड़ा जैसे छोटे जिले राजधानी से आगे निकल गए हैं। बड़े शहरों में इंदौर भी भोपाल से आगे है, जिसे आठवां स्‍थान मिला है। यह तथ्य विभाग द्वारा जारी जिलास्तरीय हाईस्कूल व हायर सेकंडरी ग्रेडिंग में सामने आया है।

लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) द्वारा जारी ग्रेडिंग में दमोह का पहला स्थान मिला है। 100 में से 83.2 अंक लेकर दमोह ने यह उपलब्धि हासिल की है। भोपाल को 75.1 अंक के साथ 19 वां स्थान मिल सका है। आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा के अनुसार जिलों में संचालित गतिविधियों, योजनाओं एवं विभिन्न् कार्यक्रमों की समीक्षा के आधार पर जिलों की ग्रेडिंग तय की गई है। इसका उद्देश्य अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करना है, ताकि जिन्हें कम अंक मिले हैं, वे जिले भविष्य में अपना प्रदर्शन पहले से बेहतर कर सकें।

इस आधार पर तय की गई ग्रेडिंग

लोक शिक्षण संचालनालय ने जिलों में कराए सर्वे के आधार पर ग्रेडिंग की है। इसमें मुख्य रूप से वार्षिक परीक्षा परिणाम, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निदान, व्यवसायिक शिक्षा के लिए नामांकन प्रक्रिया, इंस्पायर अवार्ड, स्कूलों में टेबलेट की उपलब्धता, ब्रिजकोर्स आदि बिंदु शामिल हैं। 10वीं एवं 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम में भी भोपाल पिछड़ गया है। इस बिंदु पर भोपाल को 20 में से 12.1 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि दमोह को सर्वाधिक 17.1 अंक मिले हैं।

तीन माह बाद इन बिंदुओं पर होगी ग्रेडिंग

संचालनालय ने जिलों का कार्य प्रदर्शन सुधारने की दृष्टि से तीन माह बाद फिर से ग्रेडिंग करने का निर्णय लिया है। अगली तिमाही में विभिन्न् योजनाओं का क्रियान्वयन, छमाही परीक्षा परिणाम, छात्रवृति वितरण, उपचार कक्षाओं का आयोजन एवं शैक्षणिक निगरानी पर वित्तीय व्यय आदि बिंदुओं के आधार पर ग्रेडिंग दी जाएगी।

Posted By: Ravindra Soni

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