भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। सरकारी स्कूल के विद्यार्थी नाम रोशन कर रहे हैं। अब 12वीं के बाद लक्ष्य तय कर लें। अगर फीस की दिक्कत होगी तो मामा भरेगा। 12वीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले जिन विद्यार्थियों के माता-पिता की सालाना आय छह लाख तक या उससे कम है, उनकी उच्च शिक्षा की फीस शासन भरेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाल परेड ग्राउंड में आयोजित लैपटाप के लिए राशि वितरण कार्यक्रम में की। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले करीब 91 हजार विद्यार्थियों को शुक्रवार को लैपटाप के लिए 25 हजार रुपये की राशि वितरित की गई। मंच से कुछ मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। सभी जिलों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच से सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खाते में राशि ट्रांसफर की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आर्थिक तंगी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं रूकेगी। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत 70 प्रतिशत लाने वाले विद्यार्थियों की फीस शासन भरेगी। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा क्लियर करने के बाद अगर निजी मेडिकल कालेज में भी दाखिला मिलता है, तो फीस शासन भरेगा। आप लोग जेईई, क्लैट या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें। फीस की चिंता बिल्कुन ना करें।

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्‍चों के ऊपर कभी भी दबाव नहीं डालें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य तय करें और आगे बढ़े रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से डाक्टर, इंजीनियर, वकील, लेखकर, कलाकार आदि बनने की इच्छा पूछते हुए हाथ उठवाया। उन्होंने कहा कि अब आप तय कर लें कि आपको बनना क्या है और उस दिशा में पूरा प्रयास करें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के दिखाए रास्ते पर चलने की सीख दी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार और जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्री मीना सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी जिन्होंने 12 वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। ऐसे 91 हजार 493 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को योजना में लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक संभाग से मंडल की प्रावीण्य सूची से सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दो-दो विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप 25 हजार रुपये का चेक भेंट किया।

मंच पर छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ ली सेल्फी

मंच पर जितनी भी छात्राओं को चेक देने के लिए बुलाया गया। सभी ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई। मुख्‍यमंत्री ने मुस्‍कराते हुए छात्राओं संग सेल्फी खिंचवाई। इस दौरान विद्यार्थियों में भारी उत्साह नजर आया।

मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान ना मिलने से रो पड़ी छात्रा

कुछ ही विद्यार्थियों को मंच पर मुख्यमंत्री के हाथों चेक देने के लिए बुलाया गया था। इस दौरान एक छात्रा मंच के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। मुख्यमंत्री जब मंच से नीचे उतरे तो छात्रा उनके पास पहुंच गई। रतलाम से आई छात्रा अनुषा दीक्षित ने मुख्यमंत्री को अपनी बात बताई, लेकिन शोर ज्यादा होने के कारण वे सुन नहीं पाए तो छात्रा को लिखकर देने के लिए कहा। छात्रा ने कहा कि उसके भी 90 प्रतिशत से ऊपर अंक आए थे, लेकिन उसे मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान नहीं मिला।

भोपाल संभाग के सभी व शेष संभागों से चयनित विद्यार्थी हुए शामिल

भोपाल संभाग के जिलों के 12,261 एवं शेष 44 जिलों से प्रत्येक जिले से 45 विद्यार्थी, 2-2 महिला एवं पुरुष शिक्षक भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इन विद्यार्थियों में भोपाल जिले के करीब चार हजार विद्यार्थी शामिल हैं। दूसरे संभाग से आने वाले विद्यार्थियों को राजधानी के एक निजी होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई थी। गुरुवार को ही दूसरे संभाग के विद्यार्थी राजधानी पहुंच गए थे।

Posted By: Ravindra Soni

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