भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने स्मोकिंग और तंबाकू उत्पादों के सेवन को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। इसके अनुसार मध्यप्रदेश में युवतियां तेजी से बीड़ी-सिगरेट के नशे की गिरफ्त में आ रही हैं। एनएचएम के जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 13 से 15 की उम्र में सिगरेट पीने वाली लड़कियों का आंकड़ा 9.3 प्रतिशत के पार पहुंच गया है, जबकि बीड़ी पीने वाली लड़कियां 13 प्रतिशत हैं।

यह आंकड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी प्रियंका दास ने उमंग हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम के प्रजेंटेशन में शनिवार को होटल ताज में जारी किए। यह आंकड़े देश में 987 स्कूल के 97,302 विद्यार्थियों और मध्यप्रदेश में 34 स्कूल के 2,979 विद्यार्थियों के ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के बाद जारी किए हैं। इस सर्वे में देश के 544 सरकारी और 433 निजी स्कूल शामिल किए गए थे। सर्वे 13 से 15 वर्ष के बच्चों के बीच किया गया। जिसमें देश के 80,772 बच्चे और मध्यप्रदेश के 2,490 बच्चों को शामिल किया गया है।

100 में 11 लड़कियां बीड़ी तो सात सिगरेट की प्रेमी

मध्यप्रदेश में नशा करने वाली लड़कियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहली बार कराए गए सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नेशनल हेल्थ मिशन के उमंग हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम के दौरान प्रजेंटेशन में बताया गया कि मध्यप्रदेश की हर 100 में से 7 लड़कियां सिगरेट पी रही हैं। जबकि 13.1 लड़कियां बीड़ी का धुआं हवा में उड़ा रही हैं। शराब और दूसरे ड्रग्स का सेवन करने वाली लड़कियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सर्वे में यह भी जानकारी सामने आई है कि औसतन सात साल की उम्र में ही मध्यप्रदेश में लड़कियां सिगरेट पीना सीख जाती हैं।

फैक्ट फाइल

सिगरेट का सेवन करने वाले युवा

युवा - भारत - मध्यप्रदेश

लड़के - 10.4 - 11.5

लड़कियां - 9.3 - 7.00

कुल - 11.5 - 8.5

(नोट : आंकड़े प्रतिशत में दिए गए हैं।)

बीड़ी पीने वाले युवा

युवा - भारत - मध्यप्रदेश

लड़के - 11.6 - 7

लड़कियां 8.6 - 13.1

कुल 10.5 - 7.2

(नोट : आंकड़े प्रतिशत में।)

इलेक्ट्रानिक सिगरेट का उपयोग देश में

इलेक्ट्रानिक सिगरेट पीने वाले - लड़का - लड़की

जिनको जानकारी है, पर पीते नहीं - 27.3 - 26.7

ई-सिगरेट पीने वाले - 3.4 - 2.1

(नोट : आंकड़े प्रतिशत में)

इलेक्ट्रानिक सिगरेट का उपयोग मध्यप्रदेश में

इलेक्ट्रानिक सिगरेट पीने वाले - लड़के - लड़की

जिनको जानकारी है, पर पीते नहीं - 29 - 23.5

ई सिगरेट पीने वाले 4.7 - 0.5

(नोट : आंकड़े प्रतिशत में)

यह भी जानें

- वर्तमान में स्मोकिंग करने वाले मध्यप्रदेश के 26.2 प्रतिशत लोगों ने पिछले 12 माह में इसे छोड़ने का प्रयास किया है।

- मध्यप्रदेश में 37.9 प्रतिशत लोग अभी वर्तमान में स्मोकिंग छोड़ना चाहते हैंं।

- मध्यप्रदेश में 30 प्रतिशत लोग तंबाकू छोड़ना चाहते हैं।

वर्ष - 2003 - 2006 - 2009 - 2019

वर्तमान में तंबाकू उपयोगकर्ता - 16.9 - 13.7- 14.6 - 8.5

तंबाकू उपयोगकर्ता लड़के - 21.6 - 16.8 - 19.0- 9.6

तंबाकू उपयोगकर्ता लड़कियां - 9.7 - 9.4 - 8.3 - 8.5

धूम्रपान करने वाले - 8.1 - 7.0 - 8.1 - 7.3

सिगरेट पीने वाले - 4.2 - 3.8 -4.4 -2.6

बीड़ी पीने वाले - 2.2 -4.7 -5.3 -2.1

(नोट : आंकड़े प्रतिशत में दिए गए हैं।)

स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी

युवाओं में बढ़ रही नशाखोरी की इस लत के ताजा आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकार और पालकों की भी नींद उड़ा दी है। अब स्वास्थ्य विभाग जन जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक करने की तैयारी कर रहा है।

स्कूलों से ज्यादा परिवार की जिम्मेदारी

युवाओं में अब पश्चिमी सभ्यता को अपनाने का चलन बढ़ रहा है। यह सम्यता युवाओं में बुरी तरह हावी है। ऐसे में परिवार कि जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। उनको हमारी संस्कृति का बोध कराया जाना चाहिए। उनको बताया जाना चाहिए कि इस तरह के कृत्य से किस तरह के नुकसान है। शरीर को कैसे नुकसान पहुंचता है।

- एसएन राय, शिक्षाविद्

कूल दिखने की होड़

युवाओं में सिगरेट-बीड़ी का क्रेज बढ़ा है। बेब सीरिज देखकर बच्चे भी कूल और डूड दिखना चाहते है। इसमें बड़ी संख्या बच्चे नशे के आदी हो जाते हैं। जो आंकडे आपको सर्वे में दिख रहे हैं, उससे कही ज्यादा है। हमारे क्लीनिक में ऐसे बच्चे भी आते है, जो शराब और गांजे के नशे के आदी हो गए है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें से ज्यादातर दसवीं से बारहवीं तक के बच्चे हैं। इसी उम्र में बच्चे यह सब प्रयोग करते हैं।

- डा. सत्यकांत त्रिवेदी, वरिष्ठ मनोचिकित्सक

हम नशामुक्ति के लिए प्रदेश में काम करेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग ने एक पाठ्यक्रम तैयार किया है, जो कि कक्षा नौवीं से 12 तक पढ़ाया जाएगा। नशा मुक्ति के लिए प्रदेश सरकार लोगों को जागरूक करने के लिए आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर काम करेगी।

-डा. प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री, मध्यप्रदेश

Posted By: Ravindra Soni

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