सुशील पांडेय, भोपाल। शहर के उदीयमान खिलाड़ी आदित्य श्रीवास्तव की कप्तानी में मप्र की क्रिकेट टीम ने रणजी चैंपियनशिप के इतिहास में पहली बार ट्राफी जीतकर इतिहास रच दिया। इस शानदार जीत पर राजधानी में भी जश्न मनाया गया। हालांकि आदित्य के कोलार रोड स्थित सिग्नेचर रेसीडेंसी के ओ ब्लाक में 302 अपार्टमेंट में कोई चहल-पहल तो नहीं दिखी लेकिन घर के भीतर खुशी का माहौल था। आदित्य के माता-पिता बेहद आनंदित और भाव-विभोर हैं। हो भी क्यों, उनके इकलौते लाडले ने इतिहास जो रच दिया है। पिता राकेश श्रीवास्तव और मां अर्चना के पास लगातार बधाई देने वालों के फोन आ रहे थे। हर फोन के जवाब में मां सिर्फ यह कहते हुए दिखाई दीं, 'जिंदगी का मजा आ गया, भइया (आदित्य) ने इतिहास रच दिया"।

आदित्य अपने माता-पिता, बहन और पत्नी के साथ इसी आवास में रहते हैं। पेशे से बिजनेसमैन राकेश श्रीवास्तव ने नवदुनिया से बातचीत में कहा कि हमें पूरा विश्वास था कि इस बार मप्र की टीम विजेता बनेगी। उन्होंने बताया कि आदित्य की बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी और इस बात को देखते हुए हमने उस पर पढ़ाई समेत करियर के किसी दूसरे विकल्प के लिए कभी दवाब नहीं बनाया। हालांकि उसने डीपीएस से 12वीं पास करने के बाद एक्सटाल कालेज से बीकाम किया है। आज मुझे क्रिकेटर शफकत मोहम्मद खान की सीख बार-बार याद आ रही है, जिन्होंने सालों पहले कहा था कि इसका क्रिकेट खेलना कभी बंद मत होने देना, आदित्य एक दिन बड़ा खिलाड़ी बनेगा।

पिता राकेश ने बताया कि आदित्य अंकुर क्लब से खेलता था, अंडर 14 से वह मप्र के लिए खेल रहा है। इसके बाद अंडर 15 में और सेंट्रल जोन की क्रिकेट टीम में चयनित हो गया था। 2004-2005 में सेंट्रल का कप्तान रहा और वर्ष 2015 में रणजी टीम में शामिल हो गया था। रणजी में छह मैच में चार सेंचुरी बनाई थी। क्रिकेट कोच ज्योतिप्रकाश ने उसे शुरू से प्रशिक्षण दिया है। सचिन तेंदुलकर उसके पंसदीदा खिलाड़ी हैं। उल्लेखनीय है कि आदित्य के अलावा परिवार से कोई खिलाड़ी नहीं है, लेकिन पापा क्रिकेटप्रेमी जरूर हैं। 27 वर्षीय आदित्य की बहन अनुश्री अभी कालेज में पढ़ाई कर रही हैं और पत्नी गृहणी हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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