नवदुनिया में प्रकाशित संघर्ष की कहानी पढ़कर शहर वाहन शोरूम समूह ने परिवार सहायताा के लिए कदब बढ़ाए

ललित नारायण कटारिया, भोपाल। पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के किए गए प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते। संघर्ष भले लंबा हो, रास्ते भले पथरीले हों पर मंजिल सुखदायी होती है। अंडर-23 भारतीय महिला हाकी टीम में चयनित हुई भोपाल की बेटी खुश्ाबू खान के संघर्ष ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया। हाकी के फलक पर पहुंचते ही गुरबत के दिन सौगातों की 'खुश्ाबू" से महकने लगे हैं। खुश्ाबू को अब झोपड़ीनुमा छोटे से घर में नहीं रहना पड़ेगा। परिवार भी तंगी के दौर से निकलकर अच्छे दिन बिताएगा। दरअसल, खुश्ाबू के संघर्ष की कहानी 'जूते ना हाकी स्टिक, झोपड़ी में रहकर छुआ आसमान" नवदुनिया में 28 मई को प्रकाश्ान के बाद प्रोत्साहन का सिलसिला श्ाुरू हो गया है।

भारतीय टीम में चयन के बाद खुश्ाबू इन दिनों बेंगलुरु में भारतीय टीम के अभ्यास कैम्प में हिस्सा ले रही है। खुश्ाबू अब आगे अपने परिवार की चिंता किए बगैर हाकी में अपने सपने साकार करे, इस दृष्टि से श्ाहर के एमजी वाहन श्ाोरूम समूह द्वारा श्ानिवार को परिवार के आवास की जिम्मेदारी उठाने की घोषण्ाा की गई है। समूह खुश्ाबू के परिवार को मैदान के पास ही आवास उपलब्ध करवाएगा ताकि आयरलैंड दौरे से वापसी के बाद उसे अभ्यास के लिए 12 किलोमीटर का सफर तय न करना पड़े। मालूम हो कि खुश्ाबू का परिवार अभी जहांगीराबाद में एक झोपड़ी में रहता है। यहां से खुश्ाबू प्रतिदिन अभ्यास के लिए लिंक रोड नंबर एक स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पैदल जाती है। समूह के संचालक ऋषि आनंद ने श्ानिवार को खुश्ाबू के माता-पिता का सम्मान करते हुए यह जिम्मेदारी वहन करने की घोषण्ाा के साथ ही खुश्ाबू के भाई को समूह में नौकरी भी दी। उन्होंने बताया कि खुश्ाबू को सरकार की ओर से घर मिलने तक समूह मैदान के पास किराए का घर उपलब्ध करवाएगा।

संघर्ष की कहानी पढ़ते ही लिया निर्णय

अपने इस निणर््ाय को लेकर ऋषि आनंद ने कहा कि मेरी पत्नी माधवी और मैंने जब नवदुनिया में खुशबू के संघर्ष की खबर पढ़ी, तभी हमने उसे तुरंत प्रोत्साहित करने का फैसला किया। खुशबू काफी प्रतिभावान है और देश का नाम रोशन कर रही है। हमें उसकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व है। माधवी आनंद ने नवदुनिया के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समाचार से संघर्ष कर रहे लोगों को मदद मिलती है।

माता-पिता ने नवदुनिया को कहा श्ाुक्रिया

सम्मान मिलने से खुश हुए खुश्ाबू के पिता शब्बीर और माता मुमताज खान ने कहा कि हम बहुत परेशान थे। पहली बार कोई संस्था हमारी मदद के लिए आगे आई। नवदुनिया ने हमारी बेटी के संघर्ष और हमारी परेशानी को समझा। आप सब की दुआ से बेटी और भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

खुशबू ने जताई खुशी

समूह के प्रोत्साहन से खुश्ा खुश्ाबू ने कहा कि मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि मेरी मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं। अभी तो मेरा पूरा ध्यान खेल पर है। भोपाल आकर पता चलेगा कि हमे कहां पर और कौन से स्थान पर घर दिलाया जा रहा है। मुझे विश्वास है कि सरकार भी मेरे संघर्ष और परेश्ाानियां को समझेगी। खुशबू ने नवदुनिया के प्रयास की सराहना की, साथ ही एमजी डीलरशिप को मदद के लिए धन्यवाद दिया है।

Posted By: Lalit Katariya

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