MP Weather News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले चार दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर जबर्दस्त बर्फबारी के साथ ही बारिश भी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के कारण हवाओं का रुख उत्तरी भी होने लगा है, लेकिन मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं हो रही है। दरअसल मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र पर बने वेस्टरली जेट स्ट्रीम के कारण आंशिक बादल बने हुए हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बादलों की मौजूदगी दो दिन तक बनी रह सकती है। हालांकि इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट की उम्मीद कम है। बादल छंटने के बाद ही वातावरण में ठंड बढ़ेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री सेल्‍सियस कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण वातावरण में ठंड भी बढ़ गई है, लेकिन पूरे मध्य प्रदेश में वर्तमान में मध्यम स्तर पर बादल बने हुए हैं। इस वजह से न्यूनतम तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं हो पा रही है।

शुक्ला के मुताबिक वेस्टरली जेट स्ट्रीम का असर दो दिन तक बना रहने की संभावना है। इस वजह से बादल भी बने रहेंगे। हालांकि इस दौरान कहीं-कहीं सिर्फ बूंदाबांदी ही हो सकती है। दो दिन बाद बादल छंटने पर न्यूनतम तापमान में गिरावट होने लगेगी। उधर 31 अक्टूबर को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में दाखिल होने की संभावना है। उसके प्रभाव से हवाओं का रुख एक बार फिर बदलने से तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

Posted By: Ravindra Soni

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